
Report By: Kiran Prakash Singh
वंदे मातरम् के शुरुआती दो छंद गाने के कांग्रेस के फैसले पर BJP ने आपत्ति जताई। नितिन नवीन ने 10 सूत्रीय प्रस्ताव के जरिए कांग्रेस को घेरा।
22 अगस्त 2026 | digitallivenews.com
वंदे मातरम् पर BJP का कांग्रेस पर हमला, 10 सूत्रीय प्रस्ताव पारित
वंदे मातरम् के गायन को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। बीजेपी ने शनिवार, 22 अगस्त 2026 को कांग्रेस वर्किंग कमेटी के उस फैसले की निंदा करते हुए 10 सूत्रीय प्रस्ताव पारित किया, जिसमें कांग्रेस के कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के शुरुआती दो छंदों के गायन तक सीमित रखने की बात कही गई है।
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि उनकी पार्टी वंदे मातरम् को भारत की राष्ट्रीय चेतना, स्वतंत्रता संग्राम और देशभक्ति की भावना से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रतीक मानती है। उन्होंने कहा कि पार्टी इसके सम्मान और विरासत की रक्षा के लिए देशभर में अभियान चलाएगी।
कांग्रेस के फैसले पर BJP की कड़ी आपत्ति
बीजेपी ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि वंदे मातरम् के पूरे छह छंद भारत के स्वतंत्रता संघर्ष और राष्ट्रीय चेतना की विरासत से जुड़े हैं।
नितिन नवीन ने कहा कि कांग्रेस की ओर से शुरुआती दो छंदों तक गायन सीमित करने का फैसला स्वीकार्य नहीं है। बीजेपी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रगीत को राजनीतिक या वोट-बैंक की राजनीति से जोड़ने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
बीजेपी ने अपने प्रस्ताव में वंदे मातरम् की गरिमा और राष्ट्रीय महत्व को बनाए रखने का संकल्प लिया।
वंदे मातरम् को राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बताया
नितिन नवीन ने कहा कि बीजेपी वंदे मातरम् को भारत का राष्ट्रीय गीत, भारत माता के प्रति श्रद्धा की अभिव्यक्ति और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा महत्वपूर्ण नारा मानती है।
उन्होंने कहा कि पार्टी पूर्ण वंदे मातरम् के सम्मान, गरिमा और ऐतिहासिक विरासत की रक्षा करेगी। बीजेपी का कहना है कि इस गीत के साथ स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान संघर्ष और राष्ट्र जागरण की कई महत्वपूर्ण स्मृतियां जुड़ी हुई हैं।
पार्टी ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों तक इसके इतिहास और महत्व को पहुंचाना भी उसकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
कांग्रेस को लेकर BJP ने उठाए संवैधानिक सवाल
बीजेपी अध्यक्ष ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी राजनीतिक दल की कार्यसमिति का प्रस्ताव देश की संवैधानिक संस्थाओं और संसद द्वारा बनाए गए कानूनों से ऊपर नहीं हो सकता।
उन्होंने 1937 के राजनीतिक संदर्भ, 1950 की संविधान सभा की घोषणा और 2026 में संसद से जुड़े निर्णयों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के फैसले पर सवाल उठाए।
बीजेपी ने यह भी कहा कि वंदे मातरम् को लेकर पुराने राजनीतिक और ऐतिहासिक संदर्भों को जनता के सामने रखा जाएगा। पार्टी का दावा है कि इसके गायन को सीमित करने के पीछे उस दौर की राजनीतिक परिस्थितियों और विभिन्न आपत्तियों की भूमिका रही थी।
युवा पीढ़ी के बीच चलेगा जागरूकता अभियान
नितिन नवीन ने कहा कि बीजेपी युवा पीढ़ी के बीच विशेष जागरूकता अभियान चलाएगी। इसके तहत वंदे मातरम् के इतिहास, अर्थ और राष्ट्रीय महत्व को लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
पार्टी का कहना है कि युवाओं को यह जानकारी दी जानी चाहिए कि स्वतंत्रता आंदोलन में वंदे मातरम् की क्या भूमिका रही और किस तरह यह देश के स्वतंत्रता सेनानियों के बीच प्रेरणा का माध्यम बना।
बीजेपी कार्यकर्ताओं के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात भी कही गई है।
2047 के विकसित भारत से जोड़ा वंदे मातरम्
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि वंदे मातरम् सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश के सम्मान और स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत से जुड़ा विषय है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक सुविधा या कथित तुष्टीकरण के लिए इसके सम्मान से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। नितिन नवीन ने स्वतंत्रता के समय के नारों का उल्लेख करते हुए कहा कि 1947 में देश की आजादी के उत्सव से वंदे मातरम् जुड़ा था।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2047 के ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को भी वंदे मातरम् से जोड़ते हुए कहा कि आने वाले समय में भी यह देश की राष्ट्रीय भावना का महत्वपूर्ण प्रतीक बना रहेगा।
वहीं, कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर आगे क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं। फिलहाल वंदे मातरम् को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी बहस और तेज होती दिखाई दे रही है।
22 अगस्त 2026 | digitallivenews.com