
Report By: Kiran Prakash Singh
दिल्ली हाईकोर्ट से ऐश्वर्या राय बच्चन को बड़ी राहत, नाम और छवि के दुरुपयोग पर सख्त रोक
नई दिल्ली, (digitallivenews)।
बॉलीवुड अभिनेत्री और पूर्व मिस वर्ल्ड ऐश्वर्या राय बच्चन को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके नाम, फोटो और पहचान के अनधिकृत इस्तेमाल पर तत्काल रोक लगाते हुए आदेश दिया है कि कोई भी व्यक्ति या संस्था उनकी पहचान का उपयोग वाणिज्यिक या व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं कर सकती।
जस्टिस तेजस करिया की एकल पीठ ने माना कि ऐश्वर्या राय की छवि, नाम और पहचान का बिना अनुमति प्रयोग उनके निजता, गरिमा और प्रतिष्ठा के अधिकारों का उल्लंघन है। अदालत ने अभिनेत्री के पक्ष में अंतरिम निषेधाज्ञा जारी की है, जो न केवल पहचान की चोरी को रोकती है, बल्कि AI, डीपफेक, फेस मॉर्फिंग और मशीन लर्निंग जैसी तकनीकों के ज़रिए हो रहे दुरुपयोग पर भी लागू होगी।
गूगल और आईटी मंत्रालय को कड़े निर्देश
अदालत ने गूगल एलएलसी को आदेश दिया कि वह 72 घंटे के भीतर विवादित URL हटाए और संबंधित वेबसाइट्स के संचालकों की जानकारी सीलबंद लिफाफे में कोर्ट को सौंपे। वहीं इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को 7 दिनों के भीतर संबंधित यूआरएल को ब्लॉक करने का निर्देश दिया गया।
डीपफेक और फर्जी कंटेंट पर चिंता
ऐश्वर्या की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी ने कोर्ट को बताया कि कुछ तत्वों द्वारा एआई आधारित डीपफेक तकनीक के ज़रिए अश्लील और भ्रामक सामग्री बनाई जा रही है जिसमें ऐश्वर्या का चेहरा लगाकर गलत छवि प्रस्तुत की जा रही है। इसके अलावा उनकी तस्वीरों का दुरुपयोग कर मर्चेंडाइज़िंग (जैसे टी-शर्ट और मग) के ज़रिए अवैध लाभ भी कमाया जा रहा है।
ब्रांड वैल्यू और पहचान को नुकसान
अभिनेत्री ने अदालत में कहा कि उनके नाम और चेहरे का दुरुपयोग न सिर्फ उनके कानूनी अधिकारों का हनन है, बल्कि उनकी ब्रांड वैल्यू और व्यक्तिगत छवि को भी गहरा नुकसान पहुंचा रहा है। इस पर अदालत ने माना कि यह दुरुपयोग लोगों को भ्रमित कर सकता है कि वह किसी उत्पाद या सेवा का समर्थन कर रही हैं।
डिजिटल दुरुपयोग के खिलाफ मिसाल
यह आदेश न केवल ऐश्वर्या राय बच्चन को न्याय प्रदान करता है, बल्कि यह डिजिटल युग में मशहूर हस्तियों की पहचान की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है। अब कोई भी व्यक्ति या संस्था AI, डीपफेक या अन्य उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल कर किसी की पहचान के साथ छेड़छाड़ नहीं कर सकेगी।