
Report By: Kiran Prakash Singh
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने बिना मंजूरी बनी 5वीं मंजिल वाली इमारतों को सील करने का आदेश दिया है। कई MCD अधिकारी भी निलंबित किए गए।
Digital Live News | 7 सितंबर 2026 | digitallivenews.com
———————————————————————————————————————————————————————————-
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार का बड़ा एक्शन, अनधिकृत मंजिलों पर कार्रवाई
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत ढहने से 7 लोगों की मौत के बाद दिल्ली सरकार ने सख्त कदम उठाने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राष्ट्रीय राजधानी में उन सभी इमारतों को तुरंत सील करने के निर्देश दिए हैं, जिनमें बिना मंजूरी के पांचवीं मंजिल का निर्माण किया गया है। सरकार ने हादसे को गंभीरता से लेते हुए आसपास की इमारतों और PG की भी जांच शुरू कर दी है।
सरकार की ओर से यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत के ढहने के बाद इलाके में रहने वाले छात्रों और स्थानीय लोगों के बीच इमारतों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
सत्य निकेतन हादसे के बाद कई अधिकारी सस्पेंड
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने एक्स हैंडल के जरिए बताया कि सत्य निकेतन में हुई घटना के बाद MCD के कई अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
निलंबित अधिकारियों में MCD के डिप्टी कमिश्नर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इमारत के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
सरकार की ओर से संकेत दिया गया है कि हादसे में जिसकी भी जिम्मेदारी सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बिना मंजूरी 5वीं मंजिल पर होगी सीलिंग
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि दिल्ली में जिन इमारतों में बिना मंजूरी पांचवीं मंजिल बनाई गई है, उन्हें तुरंत सील किया जाए।
सरकार का यह आदेश अनधिकृत निर्माण के खिलाफ बड़े अभियान की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की लापरवाही न हो।
इस कदम का उद्देश्य ऐसी इमारतों की पहचान करना है, जहां स्वीकृत नक्शे और वास्तविक निर्माण में अंतर है।
PG और आसपास की इमारतों की होगी जांच
सत्य निकेतन हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने आसपास मौजूद PG और अन्य इमारतों की बारीकी से जांच के भी निर्देश दिए हैं। जांच में यदि किसी भवन में निर्माण नियमों या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो सीलिंग सहित अन्य सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान जो भी व्यक्ति या अधिकारी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। इससे दिल्ली में PG और किराये की इमारतों में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा का मुद्दा भी सामने आया है।
छात्रों में बढ़ी इमारतों की सुरक्षा की चिंता
MCD अधिकारियों के मुताबिक हादसे में ढही इमारत करीब 30 साल पुरानी थी और इसका इस्तेमाल लड़कों के PG के रूप में किया जा रहा था। इमारत गिरने के बाद आसपास रहने वाले छात्रों में डर का माहौल है।
छात्र अपने आसपास मौजूद इमारतों की मजबूती और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं। सत्य निकेतन में बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं, ऐसे में इस घटना के बाद अन्य PG और भवनों की सुरक्षा जांच की मांग भी महत्वपूर्ण हो गई है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, राहत-बचाव जारी
पुलिस ने दक्षिण कैंपस थाने में इमारत के मालिक समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इसमें गैर इरादतन हत्या, इमारत के रखरखाव में लापरवाही और दूसरों की सुरक्षा को खतरे में डालने जैसे आरोप शामिल हैं।
बताया गया कि दक्षिणी दिल्ली में दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर के पास स्थित यह इमारत रविवार, 6 सितंबर को दोपहर करीब डेढ़ बजे मरम्मत कार्य के दौरान ढह गई थी। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा।
अब सरकार के आदेश के बाद दिल्ली में अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है। खासतौर पर बिना मंजूरी अतिरिक्त मंजिल बनाने वाली इमारतों की जांच और सीलिंग पर प्रशासन का फोकस रहेगा। साथ ही, सत्य निकेतन हादसे में जिम्मेदारी तय करने के लिए भी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
digitallivenews.com