
Report By: Kiran Prakash Singh
राहुल गांधी ने अमित शाह के चर्चा के बयान पर पलटवार किया। कहा- हमें भाषण नहीं, छात्रों पर कार्रवाई और गोली चलाने के आदेश का जवाब चाहिए।
अमित शाह के बयान पर राहुल गांधी का पलटवार, बोले- हमें जवाब चाहिए
डिजिटल लाइव न्यूज़ | 12 अगस्त 2026 | digitallivenews.com
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संसद में विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार होने वाले बयान पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तीखा पलटवार किया है। बुधवार, 12 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष को अमित शाह का भाषण सुनने में दिलचस्पी नहीं है, बल्कि वह यह जानना चाहता है कि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश किसने दिए।
राहुल गांधी बोले- भाषण में कोई दिलचस्पी नहीं
राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें अमित शाह का लेक्चर सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने कहा कि जब वह ‘हम’ की बात करते हैं तो उनका मतलब देश की युवा पीढ़ी से है।
राहुल गांधी ने सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया और छात्रों को कील लगी लाठियों से पीटने का आदेश किसने दिया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को इन सवालों के जवाब चाहिए।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि अगर अमित शाह ने छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दिया है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने गृहमंत्री पर पिछले 20 दिनों से गायब रहने का आरोप भी लगाया।
‘अमित शाह में सदन आने की हिम्मत नहीं’
कांग्रेस नेता ने अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के गृह मंत्री सदन में नहीं आ सकते। राहुल गांधी ने दावा किया कि अमित शाह के घर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं, ताकि कोई छात्र वहां तक न पहुंच सके।
उन्होंने अपने बयान में तंज कसते हुए कहा कि ‘गुब्बारे से हवा निकल गई है’ और अब गुब्बारा फट चुका है। राहुल गांधी का यह बयान संसद में चल रहे राजनीतिक टकराव के बीच आया है।
अमित शाह ने इससे पहले कहा था कि सरकार हर तरह की चर्चा के लिए तैयार है और वह विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए सदन में मौजूद रहेंगे।
झारखंड छात्र प्रदर्शन पर भी राहुल का बयान
राहुल गांधी ने झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वह झारखंड के मामले पर चुप नहीं हैं।
राहुल गांधी के मुताबिक, उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा को सही नहीं माना जा सकता।
उन्होंने कहा कि वह चुप नहीं हैं बल्कि इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रख रहे हैं। उनके बयान के बाद छात्र आंदोलनों और उनके खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
अमित शाह ने विपक्ष पर लगाया सदन रोकने का आरोप
वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष सदन को चलने ही नहीं दे रहा है तो सदन में जाकर क्या फायदा है।
अमित शाह ने कहा कि सरकार सभी प्रकार की चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि वह विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं।
अमित शाह का यह बयान संसद के मानसून सत्र में लगातार जारी हंगामे के बीच आया है। सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर मतभेद बने हुए हैं।
संसद में टकराव के बीच बढ़ी सियासी हलचल
संसद का मानसून सत्र अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। ऐसे में अमित शाह और राहुल गांधी के बीच बयानबाजी ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।
एक तरफ अमित शाह चर्चा के लिए तैयार होने की बात कह रहे हैं, वहीं राहुल गांधी का कहना है कि विपक्ष को केवल भाषण नहीं, बल्कि कार्रवाई से जुड़े सवालों के जवाब चाहिए।
अब देखना होगा कि संसद के अंतिम दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच चर्चा को लेकर सहमति बनती है या गतिरोध जारी रहता है। NEET और छात्र आंदोलनों से जुड़े मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच तीखी राजनीतिक बहस पहले ही सामने आ चुकी है।
डिजिटल लाइव न्यूज़ | 12 अगस्त 2026
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