
Report By: Kiran Prakash Singh
सीजेपी आंदोलन में पेलेट गन विवाद पर विपक्ष ने संसद में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग की। हंगामे के बीच किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर पलटवार किया।
📅 Date: 07 अगस्त 2026
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संसद में गृह मंत्री पर घमासान, रिजिजू ने विपक्ष को दिया जवाब
नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र के दौरान सीजेपी आंदोलन में युवाओं पर कथित पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में इस मुद्दे पर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने “गृह मंत्री सदन में आएं” के नारे लगाए और गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले में सीधे जवाब देने की मांग की।
विपक्ष का कहना है कि पेलेट गन के इस्तेमाल जैसे गंभीर मुद्दे पर केवल गृह मंत्री ही सदन को संतोषजनक जवाब दे सकते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने सरकार को इस मुद्दे पर घेरते हुए जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।
लोकसभा और राज्यसभा में जोरदार हंगामा
सुबह जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। “होम मिनिस्टर सदन में आओ”, “जवाब दो” जैसे नारों से सदन गूंज उठा। लगातार बढ़ते शोर-शराबे के कारण लोकसभा की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित करनी पड़ी। वहीं राज्यसभा में भी माहौल तनावपूर्ण रहा और विपक्ष ने सरकार के खिलाफ तीखे नारे लगाए।
रिजिजू का विपक्ष पर पलटवार
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष की मांग का जवाब देते हुए कहा कि “कौन मंत्री जवाब देगा, यह विपक्ष तय नहीं करेगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन की कार्यवाही नियमों के अनुसार चलती है और जिस मंत्रालय का विषय होता है, उसी मंत्री की जिम्मेदारी होती है कि वह सदन में जवाब दे।
रिजिजू ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह जानबूझकर सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है। उन्होंने कहा कि “यदि गृह मंत्री जवाब देंगे तो विपक्ष सुनने की बजाय फिर हंगामा करेगा।”
अमित शाह को लेकर क्या बोले रिजिजू
अपने संबोधन में किरेन रिजिजू ने गृह मंत्री अमित शाह का बचाव करते हुए कहा कि “अमित शाह सुबह से शाम तक संसद में मौजूद रहते हैं। वह सुबह सबसे पहले संसद भवन आते हैं और देर रात तक काम करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि “गृह मंत्री अमित शाह ऐसे नेता हैं जिनका नाम सुनकर आतंकवादी और उग्रवादी तक कांप उठते हैं। जिस दिन उनका जवाब होगा, विपक्ष उसे सुन भी नहीं पाएगा।”
रिजिजू के इस बयान के बाद सदन में एक बार फिर शोर-शराबा बढ़ गया और विपक्षी सांसदों ने विरोध दर्ज कराया।
विपक्ष की क्या है मांग
विपक्ष का आरोप है कि सीजेपी आंदोलन के दौरान प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जो बेहद गंभीर मामला है। उनका कहना है कि सरकार को पूरे घटनाक्रम की जानकारी संसद के सामने रखनी चाहिए और यदि कहीं सुरक्षा बलों से गलती हुई है तो उसकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने मांग की है कि गृह मंत्री स्वयं सदन में आकर पूरे मामले पर विस्तृत बयान दें और यह स्पष्ट करें कि घटना किन परिस्थितियों में हुई।
सियासी टकराव जारी
सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव के कारण संसद की कार्यवाही लगातार प्रभावित हो रही है। कई महत्वपूर्ण विधेयकों और चर्चाओं पर भी असर पड़ा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनती, तो मॉनसून सत्र के आगामी दिनों में भी इसी तरह का गतिरोध देखने को मिल सकता है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या सरकार इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह का बयान सदन में कराएगी या फिर संसद में जारी गतिरोध आगे भी बना रहेगा।
Digital Live News इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और हर महत्वपूर्ण अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा।
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📅 07 अगस्त 2026