
Report By: Kiran Prakash Singh
लखनऊ में ब्राह्मण मंच के कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए विकास दुबे एनकाउंटर का जिक्र किया और योगी सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला।
ब्राह्मण मंच से अखिलेश यादव का हमला, विकास दुबे प्रकरण का किया जिक्र
📅 05 अगस्त 2026 | 🌐 digitallivenews.com
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राजधानी लखनऊ में आयोजित ब्राह्मण मंच के कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कई राजनीतिक मुद्दों पर योगी सरकार को निशाने पर लिया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने बिना नाम लिए विकास दुबे प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि “जब गाड़ी पलटी थी, तब केवल गाड़ी नहीं पलटी थी, बल्कि सरकार पलटने से बच गई थी।” इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।
ब्राह्मण मंच से सरकार पर साधा निशाना
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में अब केवल समाजवादी कार्यकर्ताओं ही नहीं, बल्कि ब्राह्मण समाज को भी निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि समय आने पर “सैटेलाइट इमेज” सामने आएंगी, जिससे यह पता चलेगा कि उस समय गाड़ी कैसे पलटी थी। हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को विकास दुबे एनकाउंटर से जोड़कर देखा जा रहा है।
जनेश्वर मिश्र को दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्र को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जीवनभर समाजवाद के सिद्धांतों का पालन किया और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि जनेश्वर मिश्र का योगदान समाजवादी आंदोलन के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगा। साथ ही उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों तक पहुंचना है।
अनुमति नहीं मिली, लेकिन मिशन जारी रहेगा
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि जिस स्थान पर कार्यक्रम होना था, वहां प्रशासन ने अनुमति नहीं दी, जिसके कारण आयोजन का स्थान बदलना पड़ा।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक बाधाओं के बावजूद “हमारा मिशन रुकने वाला नहीं है।” उनके अनुसार, लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी राजनीतिक दलों को समान अवसर मिलना चाहिए।
PDA की नई व्याख्या पेश की
अपने भाषण में अखिलेश यादव ने PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) को लेकर भी अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि ‘P’ का मतलब केवल पंडित नहीं, बल्कि पीड़ित भी है। उनके अनुसार, जो लोग समाज के कमजोर वर्गों को परेशान करेंगे, वे खुद राजनीतिक रूप से कमजोर होंगे। उन्होंने कहा कि “जितनी पीड़ा दोगे, PDA उतना ही मजबूत होगा।”
यह बयान आगामी चुनावों से पहले सपा की सामाजिक और राजनीतिक रणनीति का संकेत माना जा रहा है।
स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकार पर भी उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की स्थिति ऐसी है कि अब उसे स्वयं इलाज की जरूरत है।
इसके अलावा उन्होंने सामाजिक व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए कहा कि समाज में आज भी कई क्षेत्रों में समान अवसरों की कमी है। उन्होंने यह भी कहा कि केवल शिक्षा और डिग्री हासिल कर लेने से हर व्यक्ति को समान सम्मान नहीं मिलता।
निष्कर्ष
लखनऊ में आयोजित ब्राह्मण मंच के कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने सरकार पर कई राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने बिना नाम लिए विकास दुबे प्रकरण का जिक्र किया, PDA की नई व्याख्या दी और प्रशासन, स्वास्थ्य व्यवस्था तथा सामाजिक समानता जैसे विषयों पर अपनी पार्टी का पक्ष रखा। दूसरी ओर, इन बयानों पर सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले ऐसे बयान प्रदेश की राजनीति को और अधिक गर्माने वाले माने जा रहे हैं।