
Report By: Kiran Prakash Singh
संसद गतिरोध के बीच किरन रिजिजू ने राहुल और प्रियंका गांधी से मुलाकात की। परिसीमन, FCRA बिल और दिल्ली पुलिस कार्रवाई पर करीब 50 मिनट तक चर्चा हुई।
परिसीमन बिल पर सरकार ने मांगा समर्थन, राहुल बोले- पहले चर्चा
📅 05 अगस्त 2026 | 🌐 digitallivenews.com
संसद में जारी गतिरोध के बीच सरकार और विपक्ष के बीच संवाद की एक महत्वपूर्ण कोशिश देखने को मिली। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से लगभग 50 मिनट तक मुलाकात की। इस बैठक में संसद की कार्यवाही को सामान्य बनाने, दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, गृह मंत्री के बयान, परिसीमन विधेयक और FCRA बिल जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। हालांकि बैठक के बाद भी कई मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी और संसद में गतिरोध बरकरार है।
संसद गतिरोध खत्म करने के लिए हुई अहम बैठक
सूत्रों के अनुसार, सरकार संसद में जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए लगातार विपक्ष से बातचीत कर रही है। इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात की। लगभग 50 मिनट चली इस बैठक में दोनों पक्षों ने संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने के उपायों पर चर्चा की।
सरकार चाहती है कि महत्वपूर्ण विधेयकों पर संसद में बहस हो और विधायी कार्य प्रभावित न हों। वहीं विपक्ष पहले अपने उठाए गए मुद्दों पर सरकार से जवाब चाहता है।
राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
बैठक के दौरान राहुल गांधी ने साफ कहा कि विपक्ष चाहता है कि दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराई जाए।
उन्होंने मांग की कि केंद्रीय गृह मंत्री सदन में आकर इस पूरे मामले पर अपना पक्ष रखें। कांग्रेस का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे संवेदनशील मामलों पर सरकार को संसद के भीतर जवाबदेह होना चाहिए।
राहुल गांधी ने संकेत दिया कि विपक्ष पहले इस मुद्दे पर चर्चा चाहता है, उसके बाद ही अन्य विधेयकों पर आगे बढ़ा जा सकता है।
परिसीमन और FCRA बिल पर सरकार ने मांगा सहयोग
बैठक में सरकार की ओर से परिसीमन विधेयक और FCRA बिल पर भी चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से इन दोनों महत्वपूर्ण विधेयकों पर सहयोग और समर्थन देने का आग्रह किया।
सरकार का मानना है कि इन विधेयकों पर व्यापक सहमति बनना आवश्यक है ताकि संसद में इन्हें बिना किसी बड़े विवाद के पारित कराया जा सके।
हालांकि राहुल गांधी ने इन प्रस्तावों पर कोई अंतिम सहमति नहीं दी और कहा कि पहले विपक्ष की प्रमुख मांगों पर सरकार का रुख स्पष्ट होना चाहिए।
सरकार सभी दलों से बना रही है सहमति
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार केवल कांग्रेस ही नहीं बल्कि अन्य विपक्षी दलों से भी परिसीमन विधेयक को लेकर लगातार बातचीत कर रही है।
सरकार का प्रयास है कि इस विधेयक को लेकर अधिकतम राजनीतिक सहमति बने ताकि भविष्य में किसी बड़े टकराव की स्थिति पैदा न हो। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में सरकार अलग-अलग दलों के नेताओं से भी चर्चा जारी रखेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विधेयक आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकता है।
गुरुवार तक तस्वीर हो सकती है साफ
बैठक के बाद सूत्रों ने संकेत दिया कि गुरुवार तक सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत की दिशा अधिक स्पष्ट हो सकती है।
यदि दोनों पक्ष किसी साझा समाधान पर पहुंचते हैं तो संसद की कार्यवाही सामान्य हो सकती है। लेकिन यदि विपक्ष अपनी मांगों पर अड़ा रहता है और सरकार भी अपने रुख में बदलाव नहीं करती, तो संसद का गतिरोध और लंबा खिंच सकता है।
फिलहाल सरकार और विपक्ष दोनों बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अंतिम फैसला राजनीतिक सहमति पर ही निर्भर करेगा।
निष्कर्ष
संसद में जारी गतिरोध के बीच सरकार और विपक्ष के बीच हुई यह 50 मिनट की बैठक राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक ओर सरकार परिसीमन विधेयक और FCRA बिल पर विपक्ष का समर्थन चाहती है, वहीं राहुल गांधी और कांग्रेस पहले दिल्ली पुलिस कार्रवाई और गृह मंत्री के बयान पर संसद में चर्चा की मांग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की अगली रणनीति तय करेगी कि संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से आगे बढ़ेगी या राजनीतिक टकराव और गहरा होगा।