देश की पहली डिजिटल जनगणना में स्मार्टफोन की एंट्री

Report By: Kiran Prakash Singh

देश की पहली डिजिटल जनगणना में 34 लाख कर्मचारी स्मार्टफोन से जुटाएंगे डेटा

नई दिल्ली | Digital Live News | 9 सितंबर 2025:
भारत की पहली डिजिटल जनगणना का आगाज़ अब तय हो गया है। 2027 में होने वाली इस ऐतिहासिक जनगणना में 34 लाख प्रगणक (जनगणना कर्मचारी) अपने स्मार्टफोन के जरिए डेटा संग्रह करेंगे। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी और इसमें कागज़ का इस्तेमाल लगभग समाप्त हो जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, भारत के महापंजीयक (RGI) द्वारा नियुक्त कर्मचारी एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से आंकड़े इकट्ठा करेंगे और उन्हें सीधा केंद्रीय सर्वर पर भेजेंगे। यह ऐप एंड्रॉयड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर काम करेगा और अंग्रेजी समेत कई क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगा।


📱 कैसे होगी डिजिटल जनगणना?

  • कर्मचारी अपने ही मोबाइल फोन से ऐप के ज़रिए जनगणना करेंगे

  • यह वही ऐप है जिसे 2021 की जनगणना के लिए तैयार किया गया था, लेकिन अब इसमें कई तकनीकी सुधार किए गए हैं

  • ऐप को यूज़र फ्रेंडली बनाया गया है ताकि सभी प्रगणक आसानी से इसका उपयोग कर सकें

  • यदि किसी वजह से पेपर फॉर्म में डेटा इकट्ठा किया गया तो उसे डेडिकेटेड वेब पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा


🏠 घर-घर की जियो टैगिंग भी होगी

रिपोर्ट के अनुसार, 2027 की जनगणना में पहली बार देश के सभी आवासीय और गैर-आवासीय भवनों की जियो-टैगिंग की जाएगी। इससे न केवल आंकड़ों की सटीकता बढ़ेगी, बल्कि सरकार को नीति निर्धारण में भी सटीकता मिलेगी।


🔍 जनगणना की दो चरणों में होगी शुरुआत

  1. पहला चरण (मकान सूचीकरण):

    • अप्रैल से सितंबर 2026 तक चलेगा

    • मकानों और भवनों की जानकारी एकत्र की जाएगी

  2. दूसरा चरण (जनसंख्या गणना):

    • फरवरी 2027 में शुरू होगा

    • प्रत्येक व्यक्ति और परिवार की विस्तृत जानकारी ली जाएगी

विशेष क्षेत्र जैसे लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में मकान और जनसंख्या दोनों की गणना सितंबर 2026 में ही पूरी कर ली जाएगी।


👨‍👩‍👧‍👦 जातिगत गणना और सेल्फ-एंट्री का विकल्प भी

  • आगामी जनगणना में परिवार के प्रत्येक सदस्य की जाति की जानकारी भी ली जाएगी

  • लोगों को स्वयं ऑनलाइन जनगणना फॉर्म भरने का विकल्प भी मिलेगा

  • इससे नागरिकों की भागीदारी बढ़ेगी और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी


💻 रियल टाइम निगरानी और तेज़ परिणाम

  • गृह मंत्रालय के तहत आने वाला RGI कार्यालय इस पूरी प्रक्रिया की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए एक विशेष वेबसाइट भी विकसित कर रहा है

  • इस डिजिटल प्रक्रिया के चलते जनगणना के परिणाम पहले से कहीं तेज़ी से आने की उम्मीद है


💰 जनगणना बजट और निवेश

  • इस डिजिटल जनगणना के लिए 14,618.95 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है

  • यह अब तक की सबसे महंगी और तकनीकी रूप से उन्नत जनगणना होगी


निष्कर्ष:

भारत की पहली डिजिटल जनगणना, न केवल तकनीकी दृष्टि से एक क्रांतिकारी कदम है, बल्कि यह देश के सांख्यिकीय बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने में एक मील का पत्थर साबित होगी। 34 लाख कर्मियों द्वारा अपने स्मार्टफोन से किए जाने वाला यह कार्य, सरकार की डिजिटलीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

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