
Report By: Kiran Prakash Singh
रामपुर डीएम ने जौहर यूनिवर्सिटी के उपकुलपति से संकायवार छात्रों का ब्यौरा मांगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, जरूरत पड़ने पर छात्रों को अन्य विश्वविद्यालयों में समायोजित करने की तैयारी है।
digitallivenews.com | 19 जुलाई 2026
जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रशासन का बड़ा कदम, डीएम ने उपकुलपति से मांगी छात्रों की पूरी जानकारी
डीएम ने उपकुलपति को लिखा आधिकारिक पत्र
रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर प्रशासन की कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने विश्वविद्यालय के उपकुलपति (Vice Chancellor) को पत्र लिखकर वहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। प्रशासन ने संकायवार छात्रों की संख्या, आवंटित सीटों और वर्तमान में पंजीकृत विद्यार्थियों का पूरा रिकॉर्ड मांगा है। यह कदम विश्वविद्यालय से जुड़े मौजूदा प्रशासनिक घटनाक्रम के बीच उठाया गया है।
पत्र में क्या-क्या जानकारी मांगी गई?
डीएम की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि विश्वविद्यालय में संचालित सभी संकायों के नाम, प्रत्येक संकाय की स्वीकृत सीटों की संख्या तथा वर्तमान में पंजीकृत छात्र-छात्राओं की संख्या तत्काल उपलब्ध कराई जाए। हालांकि पत्र में जानकारी उपलब्ध कराने की कोई निश्चित समय-सीमा का उल्लेख नहीं किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों का अद्यतन रिकॉर्ड तैयार करना बताया जा रहा है।
छात्रों के भविष्य को लेकर प्रशासन की तैयारी
रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि जौहर यूनिवर्सिटी की शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं, तो वहां पढ़ रहे छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो। इसी वजह से विद्यार्थियों का विवरण जुटाया जा रहा है ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें अन्य मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों में समायोजित करने की प्रक्रिया शुरू की जा सके। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय संबंधित सक्षम प्राधिकारी द्वारा लिया जाएगा।
पहले 38 इमारतों पर हुई थी कार्रवाई
गौरतलब है कि 15 जुलाई को रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने विश्वविद्यालय परिसर की 38 इमारतों के खिलाफ ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था। प्रशासन का कहना है कि ये कार्रवाई निर्माण संबंधी नियमों और स्वीकृतियों के उल्लंघन के आधार पर की जा रही है। वहीं विश्वविद्यालय और विपक्षी दल इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बता रहे हैं। मामला अब प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
आगे क्या होगा?
जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर स्थिति लगातार बदल रही है। एक ओर प्रशासन छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय प्रशासन, राज्य सरकार और न्यायिक प्रक्रियाओं के आधार पर इस मामले में आगे की दिशा तय होगी। फिलहाल छात्रों और अभिभावकों की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।