
Report By: Kiran Prakash Singh
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्कूलों के बाहर सिगरेट, गुटखा, पान मसाला और तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाई। बच्चों की सेहत को देखते हुए अहम आदेश जारी।
📅 दिनांक: 09 जुलाई 2026
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दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, स्कूलों के बाहर तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक
बच्चों की सेहत को लेकर हाईकोर्ट का अहम आदेश
दिल्ली में स्कूलों के बाहर सिगरेट, गुटखा, पान मसाला और अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि स्कूलों के आसपास इस तरह के उत्पादों की बिक्री बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है, इसलिए ऐसे स्थानों पर इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती। कोर्ट का यह फैसला बच्चों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
याचिका की सुनवाई के दौरान आया फैसला
यह आदेश एक स्ट्रीट वेंडर की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति विकास महाजन और न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह की पीठ ने कहा कि स्कूलों के पास तंबाकू, पान मसाला, गुटखा और सिगरेट जैसे उत्पादों की बिक्री पर रोक रहेगी।
साथ ही अदालत ने एमसीडी को निर्देश दिया कि संबंधित वेंडर को तीन दिनों के भीतर वैकल्पिक वेंडिंग स्थल उपलब्ध कराया जाए, ताकि उसका वैध व्यवसाय भी प्रभावित न हो।
कोर्ट ने वेंडर के लिए भी तय की शर्तें
हाईकोर्ट ने कहा कि वैकल्पिक स्थान मिलने तक वेंडर निर्धारित शर्तों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से अपना व्यवसाय कर सकता है, लेकिन तंबाकू उत्पादों की बिक्री नहीं करेगा।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि वेंडर को निर्धारित स्थान से बाहर अतिक्रमण करने की अनुमति नहीं होगी। फुटपाथ पर अतिरिक्त जगह घेरना, अव्यवस्था फैलाना या सार्वजनिक स्थान को बाधित करना नियमों के खिलाफ माना जाएगा।
पहले भी जारी हो चुके हैं सख्त निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट इससे पहले भी स्कूलों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री को लेकर सख्त निर्देश जारी कर चुका है। अदालत ने कहा था कि स्कूलों के प्रवेश और निकास द्वार के आसपास ऐसी कोई दुकान नहीं लगाई जाएगी, जहां सिगरेट, गुटखा, पान मसाला या अन्य तंबाकू उत्पाद बेचे जाएं।
इसके अलावा कोर्ट ने वेंडरों को साफ-सफाई बनाए रखने, डस्टबिन रखने और जरूरत पड़ने पर सीमित उपयोग के लिए छोटे गैस सिलेंडर के इस्तेमाल जैसी शर्तों का पालन करने के भी निर्देश दिए थे।
क्या था पूरा मामला?
याचिकाकर्ता ने अदालत में दावा किया था कि उसके पास वैध वेंडिंग सर्टिफिकेट होने के बावजूद उसे दिल्ली पुलिस और एमसीडी की ओर से परेशान किया जा रहा है। वहीं, एमसीडी ने अदालत में कहा कि संबंधित वेंडर स्कूल के पास तंबाकू उत्पाद बेच रहा था और साफ-सफाई के नियमों का पालन नहीं कर रहा था।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने संतुलित फैसला सुनाया। कोर्ट ने वेंडर को वैकल्पिक स्थान देने का निर्देश तो दिया, लेकिन स्कूलों के आसपास तंबाकू, गुटखा, पान मसाला और सिगरेट की बिक्री पर पूर्ण रोक बरकरार रखी।
यह फैसला बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षित शैक्षणिक माहौल और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े नियमों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
📅 दिनांक: 09 जुलाई 2026
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