
Report By: Kiran Prakash Singh
Truecaller की 2026 रिपोर्ट के मुताबिक 79% भारतीय अनजान बिजनेस कॉल्स से बचते हैं। जानिए स्पैम कॉल्स ने कैसे घटाया लोगों का भरोसा।
स्पैम कॉल्स से टूटा भरोसा! Truecaller रिपोर्ट में सामने आई बिजनेस कॉल्स की बड़ी सच्चाई
मोबाइल फोन आज हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। बैंकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग, ऑफिस, डिलीवरी और ग्राहक सेवाओं से जुड़े कई जरूरी काम अब फोन कॉल के जरिए ही पूरे होते हैं। लेकिन लगातार बढ़ रहे स्पैम कॉल, फर्जी बिजनेस कॉल और ऑनलाइन ठगी के मामलों ने लोगों का भरोसा बुरी तरह प्रभावित किया है।
इसी बदलते माहौल को लेकर Truecaller ने ‘The State of Business Calling 2026’ नाम से अपनी नई रिपोर्ट जारी की है। यह रिपोर्ट बताती है कि भारत में अब अधिकांश लोग अनजान नंबरों से आने वाली बिजनेस कॉल उठाने से बचते हैं। रिपोर्ट के आंकड़े न केवल उपभोक्ताओं की सोच को दिखाते हैं, बल्कि कंपनियों के सामने खड़ी नई चुनौती की ओर भी इशारा करते हैं।
रिपोर्ट में क्या आया सामने?
Truecaller ने टाटा टेली बिजनेस सर्विसेज (TTBS) और रिसर्च एजेंसी Kantar के साथ मिलकर यह सर्वे किया।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत के 79 प्रतिशत लोग अनजान नंबरों से आने वाली बिजनेस कॉल का जवाब नहीं देते। इसकी सबसे बड़ी वजह लगातार बढ़ रही स्पैम और फर्जी कॉल हैं, जिनकी वजह से लोगों का भरोसा कम हो गया है।
हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि 76 प्रतिशत उपभोक्ता अब भी ईमेल, एसएमएस या चैट की तुलना में वॉयस कॉल को ज्यादा प्रभावी माध्यम मानते हैं, बशर्ते कॉल की पहचान स्पष्ट हो।
किन लोगों पर किया गया सर्वे?
इस रिपोर्ट के लिए देश के 17 शहरों में सर्वे किया गया।
इस दौरान 500 से अधिक B2B कंपनियों और 1,000 उपभोक्ताओं से बातचीत की गई। सर्वे में यह समझने की कोशिश की गई कि लोग बिजनेस कॉल्स को लेकर क्या सोचते हैं और कंपनियों को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
रिपोर्ट बताती है कि लोग उन्हीं कॉल्स पर ज्यादा भरोसा करते हैं जिनमें कॉलर की पहचान स्पष्ट दिखाई देती है और कॉल का उद्देश्य समझ में आता है।
स्पैम कॉल्स ने बढ़ाई कंपनियों की मुश्किल
लगातार आने वाली फर्जी कॉल्स का असर केवल आम लोगों तक सीमित नहीं है।
वैध कंपनियां भी अब इस समस्या से प्रभावित हो रही हैं। कई बार बैंक, अस्पताल, डिलीवरी एजेंसी या ग्राहक सेवा की जरूरी कॉल भी लोग इसलिए नहीं उठाते क्योंकि नंबर अनजान होता है।
इससे कंपनियों की ग्राहक सेवा, बिक्री और संचार व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
लोग किन परिस्थितियों में कॉल उठाने को तैयार हैं?
रिपोर्ट के अनुसार, करीब 49 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने कहा कि यदि उन्हें पहले से कॉलर की पहचान दिखाई दे और जरूरत पड़ने पर कॉल बैक का विकल्प मिले, तो वे बिजनेस कॉल उठाने के लिए तैयार होंगे।
यानी लोग कॉल से नहीं, बल्कि अज्ञात पहचान और धोखाधड़ी के डर से बच रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सत्यापित कॉलर आईडी, ब्रांडेड कॉलिंग और पारदर्शी संचार से ग्राहकों का भरोसा दोबारा जीता जा सकता है।
स्पैम कॉल्स से कैसे बचें?
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ कुछ आसान सावधानियां अपनाने की सलाह देते हैं।
- अनजान नंबर से आई कॉल पर जल्दबाजी में निजी जानकारी साझा न करें।
- बैंक, OTP, PIN या पासवर्ड कभी किसी के साथ साझा न करें।
- कॉलर की पहचान जांचने के लिए विश्वसनीय कॉलर आईडी ऐप का उपयोग करें।
- संदिग्ध नंबरों को ब्लॉक और रिपोर्ट करें।
- किसी भी वित्तीय अनुरोध की आधिकारिक माध्यम से पुष्टि करें।
निष्कर्ष
Truecaller की 2026 रिपोर्ट साफ बताती है कि स्पैम और फर्जी कॉल्स ने भारतीय उपभोक्ताओं का भरोसा काफी हद तक कम कर दिया है। आज लोग अनजान नंबर देखकर कॉल उठाने से पहले कई बार सोचते हैं। ऐसे में कंपनियों के लिए पारदर्शी और सत्यापित कॉलिंग सिस्टम अपनाना पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है। वहीं उपभोक्ताओं को भी सतर्क रहकर डिजिटल सुरक्षा के नियमों का पालन करना चाहिए ताकि वे धोखाधड़ी से सुरक्षित रह सकें।
📅 दिनांक: 7 जुलाई 2026
🌐 रिपोर्ट: Digitallivenews.com