
Report By: Kiran Prakash Singh
हापुड़ की जिला पूर्ति अधिकारी सीमा चौधरी के खिलाफ फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ। पुलिस मामले की जांच में जुटी है, आरोपों की जांच जारी है।
Date: 2 July 2026
Website: digitallivenews.com
हापुड़ की DSO सीमा चौधरी के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का केस दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच
हापुड़ की जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) सीमा चौधरी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। सहारनपुर में उनके खिलाफ कथित फर्जीवाड़े, धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई उनकी मां द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सीमा चौधरी ने कथित रूप से अपनी आय से जुड़े 15 लाख रुपये उनकी जानकारी के बिना उनके बैंक खाते में जमा कराए और बाद में संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों में कथित फर्जीवाड़ा किया।
पुलिस ने मामले में पांच लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। फिलहाल मामले में किसी भी आरोपी की दोषसिद्धि नहीं हुई है और जांच जारी है।
मां की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा
शिकायतकर्ता, जो सीमा चौधरी की मां हैं, ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी ने कथित रूप से 15 लाख रुपये उनके बैंक खाते में जमा कराए। उनका दावा है कि यह राशि उनकी जानकारी और सहमति के बिना जमा की गई।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों पर कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर किए गए और कूटरचित रसीदें तैयार की गईं। इन आरोपों की सत्यता की जांच पुलिस कर रही है।
फर्जी दस्तावेज और संपत्ति विवाद के आरोप
शिकायत के अनुसार, संपत्ति को लेकर विवाद के दौरान कथित रूप से जाली दस्तावेज तैयार किए गए। आरोप यह भी है कि शिकायतकर्ता की संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास किया गया, जिसके कारण उन्हें अपनी कुछ जमीन बेचनी पड़ी।
हालांकि ये सभी आरोप शिकायत का हिस्सा हैं और इनकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पांच लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने शिकायत के आधार पर पांच आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के समकक्ष लागू प्रावधानों तथा पूर्व में प्रचलित भारतीय दंड संहिता (IPC) से संबंधित धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और धमकी जैसे आरोपों में मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की जांच दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
पुलिस हर पहलू से कर रही जांच
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। जांच अधिकारी संबंधित दस्तावेजों की जांच, बैंक खातों की जानकारी और अन्य साक्ष्यों को एकत्र कर रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि आरोप साबित नहीं होते हैं, तो उसी आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी सच्चाई
यह मामला पारिवारिक संपत्ति विवाद और कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा होने के कारण संवेदनशील माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।
कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच पूरी होने और न्यायालय के निर्णय से पहले किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। ऐसे में मामले का अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
(यह समाचार दर्ज एफआईआर और शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की जांच जारी है। संबंधित पक्ष का पक्ष या न्यायालय का अंतिम निर्णय आना अभी बाकी है।)
Published: 2 July 2026
Website: digitallivenews.com