ट्रंप ने भारत की 4 कंपनियों से हटाया अमेरिकी बैन, बड़ी राहत

Report By: Kiran Prakash Singh

अमेरिका ने भारत की चार कंपनियों को SDN प्रतिबंध सूची से हटाया। ट्रेड डील से पहले आए इस फैसले को भारत-अमेरिका संबंधों के लिए अहम माना जा रहा है।

Published: 01 July 2026 | Digitallivenews.com

ट्रंप ने भारत की 4 कंपनियों से हटाया अमेरिकी बैन, ट्रेड डील से पहले बड़ा संकेत

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर बातचीत अंतिम चरण में मानी जा रही है। इसी बीच अमेरिकी प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए भारत की चार कंपनियों को स्पेशली डेजिग्नेटेड नेशनल्स (SDN) सूची से बाहर कर दिया है। इस फैसले को दोनों देशों के व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। लंबे समय से प्रतिबंध झेल रही इन कंपनियों के लिए यह राहत भरी खबर है, वहीं विशेषज्ञ इसे भारत-अमेरिका रिश्तों में सुधार की दिशा में एक अहम कदम मान रहे हैं।

किन भारतीय कंपनियों से हटाया गया प्रतिबंध?

अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने हैदराबाद की आरआरजी इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड और लोकेश मशीन्स लिमिटेड, अहमदाबाद की गैलेक्सी बियरिंग्स लिमिटेड तथा दिल्ली की शौर्य एरोनॉटिक्स प्राइवेट लिमिटेड को SDN सूची से हटा दिया है।

इन कंपनियों पर पहले अमेरिकी प्रतिबंध लागू थे, जिसके कारण अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में आने वाली उनकी संपत्तियां फ्रीज हो जाती थीं और अमेरिकी कंपनियों के साथ व्यापार करना भी बेहद कठिन हो जाता था। अब सूची से बाहर होने के बाद इनके लिए अंतरराष्ट्रीय कारोबार के नए अवसर खुल सकते हैं।

क्या होती है SDN सूची और क्यों लगते हैं प्रतिबंध?

SDN यानी Specially Designated Nationals सूची अमेरिकी सरकार द्वारा उन व्यक्तियों और कंपनियों के लिए तैयार की जाती है जिन पर अमेरिकी प्रतिबंध लागू होते हैं। इस सूची में शामिल संस्थाओं की अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में मौजूद संपत्तियां फ्रीज कर दी जाती हैं और अमेरिकी नागरिकों तथा कंपनियों को उनके साथ व्यापार करने की अनुमति नहीं होती।

इस सूची में शामिल होना किसी भी कंपनी के वैश्विक कारोबार पर बड़ा असर डाल सकता है क्योंकि कई अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान भी ऐसे मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरतते हैं।

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद हुई थी कार्रवाई

साल 2024 में OFAC ने कार्यकारी आदेश के तहत 21 भारतीय संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए थे। इनमें 19 कंपनियां और दो व्यक्ति शामिल थे। अमेरिका का आरोप था कि ये संस्थाएं रूस से जुड़े ऐसे लेनदेन में शामिल थीं जो मॉस्को पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों को कमजोर कर सकते थे।

यह कार्रवाई रूस द्वारा 2022 में यूक्रेन पर हमला किए जाने के बाद लगाए गए व्यापक आर्थिक प्रतिबंधों के तहत की गई थी। उस समय भारत सरकार ने स्पष्ट किया था कि वह इस मामले पर अमेरिका के साथ लगातार संवाद कर रही है और भारत अंतरराष्ट्रीय नियमों का सम्मान करने वाला जिम्मेदार देश है।

ट्रेड डील से पहले फैसले के क्या मायने हैं?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला ऐसे समय आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिशें तेज हैं। हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच टैरिफ और व्यापार से जुड़े कई मुद्दों पर बातचीत हुई है।

चार भारतीय कंपनियों को प्रतिबंध सूची से हटाना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि दोनों देश आर्थिक सहयोग को और मजबूत करना चाहते हैं। इससे रक्षा, मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।

भारतीय उद्योग को मिल सकती है नई रफ्तार

प्रतिबंध सूची से हटाई गई कंपनियों में गैलेक्सी बियरिंग्स लिमिटेड और लोकेश मशीन्स लिमिटेड शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियां हैं। लोकेश मशीन्स के ग्राहकों में John Deere, Cummins, Volvo, Honda और Suzuki जैसी वैश्विक कंपनियां शामिल हैं। वहीं आरआरजी इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजीज भारत के विमानन क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण कंपनी मानी जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिबंध हटने से इन कंपनियों के लिए विदेशी निवेश, तकनीकी सहयोग और वैश्विक बाजार तक पहुंच आसान हो सकती है। साथ ही भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में यदि प्रस्तावित ट्रेड डील पर सहमति बनती है, तो दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी और अधिक मजबूत हो सकती है।

— Digitallivenews.com

Also Read

504 करोड़ घोटाले में CBI की पहली चार्जशीट दाखिल

उत्तर भारत में भारी बारिश, कई राज्यों में स्कूल बंद

अभिषेक बनर्जी पर FIR, बंगाल राजनीति में हलचल

बंगाल में सरकारी कर्मचारियों पर सख्ती, TMC का हमला

सोने के आयात पर सख्ती, सरकार ने बदले बड़े नियम

You Might Also Like

लॉकअप 2 में कंगना रनौत की एंट्री, पहला एविक्शन तय

गौरव खन्ना-आकांक्षा तलाक पर दोस्त का बड़ा खुलासा विवाद

विक्रांत मैसी की ‘मुसाफिर कैफे’ ओटीटी पर होगी रिलीज

करिश्मा कपूर का लग्जरी घर किराए पर, हर महीने लाखों कमाई

एस श्रीसंत पर लगा 3 साल का बैन हटा, वापसी पर सवाल

चेतेश्वर पुजारा को MCC की लाइफटाइम मेंबरशिप से सम्मान

केंद्रीय कर्मचारियों को 3% DA हाइक का मिल सकता है तोहफा

जून में रिकॉर्ड GST कलेक्शन, सरकार का खजाना हुआ मजबूत

Select Your City