
Report By: Kiran Prakash Singh
राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT जांच और FIR के बाद ट्रस्ट महासचिव चंपत राय व ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दिया। जानें पूरा मामला।
Date: 26 June 2026
Website: digitallivenews.com
राम मंदिर चढ़ावा मामला: SIT जांच के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे से बढ़ी हलचल
अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा और दान राशि में अनियमितताओं के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। रिपोर्टों के अनुसार, विशेष जांच दल (SIT) की जांच और FIR दर्ज होने के बाद राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि दोनों पर बढ़ते विवाद और नैतिक जिम्मेदारी के आधार पर पद छोड़ने का दबाव था। हालांकि, इस्तीफे के कारणों और उनकी स्वीकृति को लेकर ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
SIT जांच के बाद दर्ज हुई FIR
मामले की जांच के लिए गठित SIT ने अपनी रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को सौंपने के बाद आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया और उन्हें मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू की। चूंकि मुहर्रम के कारण नियमित अदालत बंद थी, इसलिए आरोपियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की व्यवस्था की गई। जांच एजेंसियां मामले से जुड़े वित्तीय दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सख्त संदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जनआस्था से जुड़े किसी भी मामले में लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरोप सामने आने के तुरंत बाद SIT गठित की गई और रिपोर्ट मिलते ही FIR दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून के अनुसार सजा मिलेगी और किसी को भी विशेष छूट नहीं दी जाएगी।
कथित चोरी का तरीका क्या था?
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, दान पेटियों से निकले नोटों की गिनती के दौरान कथित रूप से हेराफेरी की जाती थी। आरोप है कि कुछ कर्मचारी नोटों की गड्डियों से नकदी निकालकर अपने कपड़ों में छिपा लेते थे। यह भी दावा किया गया कि गिनती की प्रक्रिया के दौरान अतिरिक्त नोट लगाकर बैंक रिकॉर्ड का मिलान किया जाता था और बाद में वे नोट निकाल लिए जाते थे। इन आरोपों की पुष्टि जांच के आधार पर ही होगी और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद सामने आएगा।
CCTV और हिडन कैमरों से सामने आए आरोप
रिपोर्टों के अनुसार, दान राशि में गड़बड़ी का संदेह होने पर मंदिर प्रशासन ने नोट गिनने वाले कमरे में हिडन कैमरे लगाए थे। बताया जा रहा है कि कैमरों की फुटेज में कुछ कर्मचारियों की संदिग्ध गतिविधियां रिकॉर्ड हुईं। जांच के दौरान पुलिस ने कुछ आरोपियों के बैंक खातों और नकदी के लेनदेन की भी जांच की। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, एक आरोपी के घर से नकदी बरामद होने का भी दावा किया गया है, जिसकी जांच जारी है।
जांच पूरी होने तक सभी दावे आरोप हैं
मामले में यह भी आरोप लगाए गए हैं कि दान में मिले कुछ आभूषणों में भी अनियमितता हुई। इसके अलावा, कर्मचारियों की नियुक्ति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल उठे हैं। हालांकि, इन सभी आरोपों की पुष्टि अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। फिलहाल पुलिस, SIT और संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की गहन जांच कर रही हैं। ट्रस्ट और प्रशासन की ओर से भी पारदर्शिता बनाए रखने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। इस मामले पर देशभर की नजर बनी हुई है क्योंकि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है।