
Report By: Kiran Prakash Singh
पेट्रोल-डीजल के दाम 10 दिनों में तीसरी बार बढ़ने पर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर हमला बोला। जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ने का आरोप लगाया।
📅 Date: 23 May 2026
🌐 DigitalLiveNews.com
पेट्रोल-डीजल महंगाई पर कांग्रेस का हमला, सरकार घिरी
नई दिल्ली: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर देश में सियासी घमासान तेज हो गया है। बीते 10 दिनों में तीसरी बार ईंधन के दाम बढ़ने के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार आम जनता को राहत देने के बजाय तेल कंपनियों के मुनाफे को प्राथमिकता दे रही है।
शनिवार को फिर पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने के बाद कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार को घेरते हुए कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम आदमी परेशान है, लेकिन सरकार को जनता की चिंता नहीं है।
कांग्रेस ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “महंगाई मैन मोदी ने पिछले 9 दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम 5 रुपये बढ़ा दिए हैं।” पार्टी ने दावा किया कि शनिवार को पेट्रोल 94 पैसे और डीजल 95 पैसे महंगा किया गया है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि दुनिया के कई देश अपने नागरिकों को राहत देने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि भारत में सरकार जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ा रही है। पार्टी ने कहा कि सरकार केवल तेल कंपनियों के मुनाफे के बारे में सोच रही है।
10 दिनों में तीसरी बार बढ़े दाम
देश में 10 दिनों से कम समय में यह तीसरी बार है जब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। नई कीमतों के बाद दिल्ली में पेट्रोल 99.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.49 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।
मुंबई, कोलकाता और चेन्नई समेत कई बड़े शहरों में भी ईंधन के दामों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। लगातार बढ़ रही कीमतों का असर आम लोगों के बजट पर साफ दिखाई देने लगा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यही स्थिति जारी रही तो आने वाले समय में परिवहन और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।
कोलकाता और मुंबई में सबसे ज्यादा असर
ईंधन कीमतों में सबसे अधिक बढ़ोतरी कोलकाता में दर्ज की गई। वहां पेट्रोल की कीमत बढ़कर 110.64 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.02 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया।
वहीं मुंबई में पेट्रोल 108.49 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.02 रुपये प्रति लीटर हो गया है। चेन्नई में भी पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई।
जयपुर समेत कई अन्य शहरों में भी पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ है, जिससे आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।
महंगाई और परिवहन लागत पर असर
पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने का सीधा असर परिवहन लागत पर पड़ता है। डीजल महंगा होने से माल ढुलाई की लागत बढ़ती है, जिसका असर खाने-पीने की चीजों और रोजमर्रा के सामान की कीमतों पर भी दिखाई देता है।
आर्थिक जानकारों का कहना है कि लगातार बढ़ती ईंधन कीमतें महंगाई को और बढ़ा सकती हैं। खासकर मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ता है।
ऑटो, टैक्सी और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों ने भी चिंता जताई है कि यदि यही स्थिति रही तो किराया बढ़ाना मजबूरी बन सकता है।
वैश्विक संकट को बताया जा रहा वजह
विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और ऊर्जा संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है। खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ने से वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हुआ है।
इसी वजह से दुनिया के कई देशों में ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। हालांकि विपक्ष का कहना है कि केंद्र सरकार टैक्स में राहत देकर जनता को कुछ राहत दे सकती है।
अब आने वाले दिनों में तेल कंपनियों और सरकार की अगली घोषणा पर सभी की नजर बनी हुई है।