
Report By: Kiran Prakash Singh
PM मोदी के 5 देशों के दौरे से भारत को ऊर्जा सुरक्षा, चिप निर्माण, ग्रीन एनर्जी, व्यापार और AI क्षेत्र में कई बड़े समझौते मिले।
Published: 21/05/2026
Website: Digital Live News
PM मोदी के 5 देशों के दौरे से भारत को क्या मिला? जानिए पूरा असर
छह दिन में पांच देशों का दौरा, कई बड़े समझौते
15 मई से 20 मई 2026 के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने छह दिनों में पांच देशों का दौरा किया। यह यात्रा केवल कूटनीतिक मुलाकातों तक सीमित नहीं रही, बल्कि भारत ऊर्जा सुरक्षा, सेमीकंडक्टर निर्माण, ग्रीन एनर्जी, व्यापार और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में कई बड़े समझौते लेकर लौटा।
संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली के इस दौरे को भारत की आर्थिक और रणनीतिक मजबूती की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार इन समझौतों का असर आने वाले वर्षों में आम लोगों की जेब, रोजगार और देश की सुरक्षा पर दिखाई देगा।
UAE से ऊर्जा सुरक्षा और निवेश की बड़ी डील
प्रधानमंत्री मोदी 15 मई को सबसे पहले United Arab Emirates पहुंचे। अबू धाबी में दोनों देशों के बीच सात अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।
सबसे महत्वपूर्ण रहा स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम रिजर्व एग्रीमेंट। UAE की राष्ट्रीय तेल कंपनी ADNOC अब भारत के रणनीतिक तेल भंडारों में करीब 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल स्टोर करेगी। संकट या युद्ध जैसी स्थिति में इस तेल पर पहला अधिकार भारत का होगा।
इस समझौते के बाद भारत का रणनीतिक तेल भंडार मौजूदा 9 दिनों की जरूरत से बढ़कर करीब 14-15 दिनों तक की खपत के बराबर हो जाएगा।
इसके अलावा UAE गुजरात के वडिनार बंदरगाह पर जहाज मरम्मत केंद्र और नाविक प्रशिक्षण केंद्र बनाएगा। बुनियादी ढांचे, बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में करीब 3 बिलियन डॉलर के निवेश पर भी सहमति बनी।
नीदरलैंड से चिप निर्माण और खनिज तकनीक
15 मई की रात प्रधानमंत्री मोदी Netherlands पहुंचे। यहां भारत और नीदरलैंड के बीच कुल 17 समझौते हुए।
सबसे बड़ी उपलब्धि रही सेमीकंडक्टर निर्माण में साझेदारी। डच कंपनी ASML ने Tata Electronics के साथ करार किया।
टाटा गुजरात के धोलेरा में 91 हजार करोड़ रुपये की लागत से भारत का पहला सेमीकंडक्टर प्लांट बना रही है। ASML अपनी अत्याधुनिक लिथोग्राफी तकनीक से भारत में चिप निर्माण शुरू कराने में मदद करेगी।
इसके अलावा नीदरलैंड भारत को कोबाल्ट, लीथियम, ग्रेफाइट और निकल जैसे 30 महत्वपूर्ण खनिजों की खोज और खनन में तकनीकी सहायता देगा।
नीदरलैंड ने 11वीं सदी के चोल राजवंश की 24 ऐतिहासिक ताम्रपत्र भी भारत को लौटाए।
स्वीडन और नॉर्वे से व्यापार और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा
17 मई को प्रधानमंत्री मोदी Sweden पहुंचे, जहां उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार से सम्मानित किया गया।
भारत और स्वीडन ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया और अगले पांच वर्षों में व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य तय किया।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष Ursula von der Leyen ने भारत-यूरोप व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने का भरोसा दिया। इस समझौते से दोनों पक्षों के अधिकांश सामानों पर टैरिफ घट जाएंगे।
18 मई को प्रधानमंत्री मोदी Norway पहुंचे। 43 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली नॉर्वे यात्रा रही।
यहां दोनों देशों के बीच ग्रीन स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप पर समझौता हुआ। नॉर्वे भारत की सौर, पवन, जलविद्युत और परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं में बड़ा निवेश करेगा।
साथ ही LPG और कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
इटली में IMEC और AI साझेदारी पर जोर
यूरोपीय दौरे के आखिरी चरण में प्रधानमंत्री मोदी 19 मई को Italy पहुंचे और प्रधानमंत्री Giorgia Meloni से मुलाकात की।
दोनों नेताओं की मुलाकात और ‘Melodi’ सोशल मीडिया ट्रेंड काफी चर्चा में रहा।
भारत और इटली ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। इससे भारत से यूरोप तक सामान पहुंचाने का समय और लागत 30-40 प्रतिशत तक कम हो सकती है।
इसके अलावा दोनों देशों ने AI और साइबर सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने और 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब यूरो से अधिक तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा।
आम लोगों, नौकरियों और सुरक्षा पर क्या होगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे दौरे का असर सीधे भारत की अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर पड़ेगा।
ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होने से तेल आपूर्ति संकट का खतरा कम होगा और ईंधन कीमतों पर नियंत्रण रखने में मदद मिल सकती है।
सेमीकंडक्टर निर्माण और महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग से भारत में नई फैक्ट्रियां लगेंगी और हजारों नौकरियां पैदा होंगी।
ग्रीन एनर्जी और व्यापारिक साझेदारियों से विदेशी निवेश बढ़ने की उम्मीद है, जबकि AI और साइबर सुरक्षा सहयोग भारत की तकनीकी और सामरिक ताकत को मजबूत करेगा।
इस तरह प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूत करने और दीर्घकालिक आर्थिक फायदे दिलाने वाला माना जा रहा है।