Trump ने Iran के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का इशारा किया, परमाणु वार्ता विफल होने पर बढ़ सकती है तनाव

Report By: Kiran Prakash Singh

Donald Trump ने कहा, अगर Iran के साथ परमाणु वार्ता सफल नहीं हुई तो US बढ़ा सकता है सैन्य कार्रवाई। Geneva में तीसरे दौर की बातचीत जारी।

नई दिल्ली:(digitallivenews)! संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने इशारा किया है कि यदि Iran के साथ चल रही परमाणु वार्ता असफल होती है, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई बढ़ाने पर विचार कर सकता है। यह जानकारी The New York Times के एक रिपोर्ट में दी गई है, जिसमें अधिकारीयों के हवाले से बताया गया कि Trump ने वरिष्ठ सलाहकारों को इस संभावित रणनीति के बारे में अवगत कराया है।

सीमित सैन्य कार्रवाई पर विचार

रिपोर्ट के अनुसार, Trump ने प्रारंभिक तौर पर टारगेटेड स्ट्राइक को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया है। इसका उद्देश्य Iran पर दबाव डालना और उसे परमाणु हथियार विकसित करने की क्षमता से रोकना है। संभावित लक्ष्य में Iran की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) हेडक्वार्टर, प्रमुख परमाणु सुविधाएं और बैलिस्टिक मिसाइल इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हो सकते हैं।

अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन यह चर्चाएँ स्पष्ट करती हैं कि कूटनीति और बल दोनों विकल्प अमेरिका के रणनीतिक विचार में शामिल हैं।

बड़े अभियान की संभावना

रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर सीमित कार्रवाई या कूटनीतिक दबाव से Iran पर दबाव नहीं बना तो Trump भविष्य में एक बड़े सैन्य अभियान पर विचार कर सकते हैं। इसमें केवल रणनीतिक साइट्स पर हमला नहीं, बल्कि Iran की नेतृत्व प्रणाली पर भी असर डालने का विकल्प शामिल हो सकता है, जिसमें Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei को भी निशाना बनाया जा सकता है।

यह स्थिति वैश्विक स्तर पर तनाव को बढ़ा सकती है क्योंकि परमाणु वार्ता अभी भी जारी है।

Geneva में कूटनीति जारी

उसी समय, अमेरिका और Iran के बीच तीसरे दौर की वार्ता Geneva में तय है। वार्ता में Oman के Foreign Minister Badr Albusaidi मध्यस्थता कर रहे हैं। Albusaidi ने कहा कि चर्चाएँ “सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही हैं” और दोनों पक्ष डील को अंतिम रूप देने की कोशिश में हैं।

मिडिल ईस्ट में अमेरिकी तैयारी

Trump के बयान के बाद, अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर विवाद सुलझा नहीं तो “Really bad things will happen।” इसका मतलब है कि अमेरिका संभावित सैन्य विकल्पों के लिए तैयार है।

स्थिति का महत्व

यह समय न केवल US-Iran संबंधों के लिए बल्कि पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र की स्थिरता के लिए भी निर्णायक साबित हो सकता है। वैश्विक तेल बाजार, क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति सभी पर इस तनाव का असर पड़ेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि सैन्य और कूटनीति दोनों रणनीति एक साथ चलाने से तनाव बढ़ सकता है, लेकिन वार्ता में सफलता अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए राहत का कारण बन सकती है।

निष्कर्ष

Trump का इशारा यह दिखाता है कि अगर वार्ता विफल होती है तो अमेरिका Iran के खिलाफ कड़ा कदम उठा सकता है। फिलहाल, दोनों पक्ष Geneva में वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं। आगामी दिनों में इस मामले की स्थिति पूरी दुनिया के लिए निर्णायक हो सकती है।

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