
Report By: Kiran Prakash Singh
कलकत्ता हाईकोर्ट ने अमित शाह पर टिप्पणी मामले में अभिषेक बनर्जी को राहत दी, लेकिन जांच पूरी होने तक विदेश यात्रा पर रोक लगा दी।
Published: 21/05/2026
Website: Digital Live News
‘दिल्ली के गॉडफादर’ बयान पर घिरे अभिषेक बनर्जी, हाईकोर्ट से राहत
कलकत्ता हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत
तृणमूल कांग्रेस नेता और सांसद Abhishek Banerjee को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में बड़ी राहत मिली है।
Calcutta High Court ने फिलहाल उनके खिलाफ किसी भी तरह की कठोर कार्रवाई पर रोक लगा दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस चरण में अभिषेक बनर्जी से हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है।
हालांकि कोर्ट ने उनके बयान को लेकर नाराजगी भी जाहिर की और “दिल्ली के गॉडफादर” जैसे शब्दों पर कड़ी टिप्पणी की।
चुनावी रैली के बयान से शुरू हुआ विवाद
पूरा मामला एक चुनावी रैली के दौरान दिए गए बयान से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि अभिषेक बनर्जी ने अपने भाषण में अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था।
इसी बयान के आधार पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद अभिषेक बनर्जी ने एफआईआर को रद्द कराने और गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
राजनीतिक हलकों में यह मामला अब चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।
31 जुलाई तक कठोर कार्रवाई पर रोक
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि फिलहाल पुलिस को उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कदम नहीं उठाना चाहिए। कोर्ट ने 31 जुलाई तक गिरफ्तारी या किसी कठोर कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
अदालत ने माना कि जांच जारी रह सकती है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में हिरासत में पूछताछ जरूरी नहीं है।
इस फैसले को अभिषेक बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
विदेश यात्रा पर लगाई गई रोक
राहत देने के साथ अदालत ने कुछ सख्त शर्तें भी लगाई हैं। कोर्ट ने साफ कहा कि अभिषेक बनर्जी को जांच में पूरा सहयोग करना होगा और पुलिस द्वारा भेजे गए किसी भी नोटिस का जवाब देना पड़ेगा।
इसके अलावा अदालत ने उन्हें बिना अनुमति विदेश यात्रा करने से भी रोक दिया है।
कोर्ट का कहना है कि जांच पूरी होने तक उनकी मौजूदगी जरूरी है और जांच एजेंसियों को सहयोग मिलना चाहिए।
जांच जारी रखने के निर्देश
सुनवाई के दौरान जज ने जांच अधिकारी को मामले की जांच जारी रखने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि पूरे मामले की सच्चाई सामने आना जरूरी है।
साथ ही पुलिस को यह छूट भी दी गई कि यदि अभिषेक बनर्जी जांच में सहयोग नहीं करते हैं तो इसकी जानकारी अदालत को दी जा सकती है।
इस मामले ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। तृणमूल कांग्रेस ने इसे न्यायपालिका पर भरोसे की जीत बताया है, जबकि विपक्ष इस मामले को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है। फिलहाल सभी की नजर अगली सुनवाई और जांच की प्रगति पर टिकी हुई है।