लखनऊ ठगी केस में लापरवाही पर दो चौकी प्रभारी सस्पेंड

Report By: Kiran Prakash Singh

लखनऊ के पीजीआइ ठगी केस में कार्रवाई में लापरवाही बरतने पर दो चौकी प्रभारी निलंबित, फरार आरोपितों पर इनाम घोषित।

Published: 21/05/2026
Website: Digital Live News

लखनऊ में ठगी केस में लापरवाही पर दो चौकी प्रभारी निलंबित

डेढ़ साल बाद भी नहीं हुई पूरी कार्रवाई

लखनऊ के पीजीआइ थाने में दर्ज एक बड़े ठगी मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले में नामजद आरोपितों के खिलाफ समय पर कार्रवाई न करने और विवेचना में शिथिलता बरतने पर दो चौकी प्रभारियों को निलंबित कर दिया गया है।
डीसीपी दक्षिण की सख्ती के बाद पुलिस विभाग में इस मामले को लेकर गंभीरता बढ़ गई है। साथ ही फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए इनाम भी घोषित किया गया है।

मकान दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी

उन्नाव के कोरारी निवासी गायत्री देवी ने 9 जनवरी 2025 को पीजीआइ थाने में कुल नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़िता का आरोप था कि आरोपितों ने वृंदावन कॉलोनी में मकान दिलाने के नाम पर उनसे करीब 73.99 लाख रुपये लिए थे।
हालांकि कई बार दबाव बनाने के बाद आरोपितों ने 13.25 लाख रुपये वापस कर दिए, लेकिन बाकी रकम नहीं लौटाई।
पीड़िता के अनुसार रकम वापस मांगने पर आरोपितों ने धमकी भी दी। गायत्री देवी के पति सेना में कार्यरत बताए गए हैं।

चार गिरफ्तार, दो चौकी प्रभारी पर कार्रवाई

पुलिस उपायुक्त दक्षिण अमित कुमार आनंद ने बताया कि मामले की जांच के दौरान चार आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं एक महिला की भूमिका स्पष्ट न होने के कारण उसका नाम विवेचना के दौरान हटा दिया गया।
लेकिन चार अन्य आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई लंबित रही। जांच में सामने आया कि कल्ली चौकी प्रभारी दिनकर वर्मा और वृंदावन चौकी प्रभारी परमानंद सिंह ने विवेचना में गंभीर लापरवाही बरती।
इसी आधार पर दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

कोर्ट में पहुंचा मामला, तब खुली लापरवाही

पीड़िता ने पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट न होने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने मामले की रिपोर्ट पुलिस से मांगी, जिसके बाद जांच तेज हुई।
आंतरिक जांच में पाया गया कि मामले में कार्रवाई की गति बेहद धीमी थी और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए गए।
डीसीपी की सख्ती के बाद पुलिस हरकत में आई और बुधवार को गोरखपुर निवासी आरोपित सतेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया।

फरार आरोपितों पर इनाम घोषित

मामले में फरार चल रहे दो आरोपित सुनील कुमार शुक्ला और विपिन शुक्ला के खिलाफ 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपितों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
वहीं मामले में नामजद महिला की भूमिका की भी जांच जारी है और पुलिस उससे जुड़े तथ्यों को खंगाल रही है।

पुलिस विभाग में बढ़ी सख्ती

इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में भी सतर्कता बढ़ गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि विवेचना में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ेगी और पीड़ितों को समय पर न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत होगी।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपितों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

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