कर्तव्य रिव्यू: सैफ चमके, कहानी पड़ी कमजोर

Report By: Kiran Prakash Singh

सैफ अली खान की ‘कर्तव्य’ ओटीटी पर रिलीज। दमदार एक्टिंग के बावजूद कमजोर कहानी और आउटडेटिड स्क्रीनप्ले ने किया निराश।

📅 15 May 2026
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कर्तव्य रिव्यू: सैफ चमके, लेकिन कहानी ने किया निराश

ओटीटी पर रिलीज हुई सैफ अली खान की ‘कर्तव्य’

सैफ अली खान स्टारर फिल्म ‘कर्तव्य’ आखिरकार ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो गई है। यह फिल्म पिछले करीब तीन साल से अटकी हुई थी और फिल्म देखने के बाद समझ आता है कि आखिर इसे रिलीज होने में इतना वक्त क्यों लगा। जिस फिल्म में सैफ अली खान जैसे बड़े स्टार हों, उससे दर्शकों को काफी उम्मीदें रहती हैं, लेकिन ‘कर्तव्य’ उन उम्मीदों पर खरी उतरती नजर नहीं आती। फिल्म का प्रचार और चर्चा काफी समय से हो रही थी, खासकर इसलिए क्योंकि इसमें सौरभ द्विवेदी भी अहम भूमिका में नजर आए हैं। हालांकि फिल्म में उनका किरदार सबसे कमजोर साबित होता है।

कहानी में नहीं दिखता कोई नया प्रयोग

फिल्म की कहानी एक ईमानदार पुलिस अफसर पवन के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका किरदार सैफ अली खान ने निभाया है। दूसरी ओर सौरभ द्विवेदी एक भ्रष्ट नेता के रोल में नजर आते हैं, जिसे लोग मसीहा मानते हैं लेकिन वह युवाओं का गलत इस्तेमाल करता है। कहानी में परिवार, जाति, प्रेम और ऑनर किलिंग जैसे मुद्दे दिखाए गए हैं। लेकिन समस्या यह है कि इसी तरह की कहानियां दर्शक पहले भी कई बार देख चुके हैं। फिल्म कहीं भी नया अनुभव नहीं देती और काफी हद तक प्रिडिक्टेबल लगती है।

फिल्म क्यों लगती है आउटडेटिड?

‘कर्तव्य’ देखते समय ऐसा महसूस होता है कि यह फिल्म शायद 15-20 साल पहले बनाई गई सोच के साथ तैयार की गई है। आज के दौर में जहां दर्शक नई और दमदार कहानियों की उम्मीद करते हैं, वहां यह फिल्म पुराने ढर्रे पर चलती नजर आती है। फिल्म करीब दो घंटे लंबी है, लेकिन कहानी दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने में नाकाम रहती है। ना कोई बड़ा थ्रिल महसूस होता है और ना ही ऐसा इमोशनल मोमेंट आता है जो दर्शकों के दिल को छू सके। यही वजह है कि फिल्म खत्म होने के बाद यह एहसास होता है कि कहानी में काफी संभावनाएं थीं, लेकिन उन्हें सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया गया।

सैफ अली खान ने बचाई फिल्म की इज्जत

अगर फिल्म में कुछ सबसे ज्यादा प्रभावित करता है तो वह है सैफ अली खान की एक्टिंग। देसी अंदाज वाले किरदार में सैफ हमेशा की तरह शानदार लगे हैं। उनके अभिनय में आत्मविश्वास और एक अलग तरह का स्वैग नजर आता है। हालांकि अकेले सैफ पूरी फिल्म को संभाल नहीं पाए। अगर कहानी और स्क्रीनप्ले मजबूत होता तो यह फिल्म उनके करियर में ‘ओमकारा’ जैसी अहम फिल्म साबित हो सकती थी। वहीं सौरभ द्विवेदी अपने किरदार में कमजोर नजर आते हैं। उनके अभिनय में वह प्रभाव नहीं दिखता जो एक दमदार विलेन के लिए जरूरी होता है। इसके अलावा रसिका दुग्गल, संजय मिश्रा, जाकिर हुसैन और मनीष चौधरी ने अच्छा काम किया है।

डायरेक्शन और राइटिंग ने किया निराश

फिल्म को पुलकित ने लिखा और डायरेक्ट किया है। इससे पहले वह ‘भक्षक’ जैसी चर्चित फिल्म बना चुके हैं, इसलिए उनसे उम्मीदें काफी ज्यादा थीं। लेकिन ‘कर्तव्य’ में वह दर्शकों को प्रभावित करने में असफल रहे। फिल्म की राइटिंग में नयापन नहीं दिखता और कई सीन काफी कमजोर लगते हैं। डायरेक्शन भी कहानी को मजबूत पकड़ नहीं दे पाता। कुल मिलाकर अगर आप सैफ अली खान के फैन हैं तो यह फिल्म एक बार देख सकते हैं, लेकिन बेहतर कंटेंट की उम्मीद लेकर बैठेंगे तो निराशा हाथ लग सकती है।

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