असम में BJP की वापसी, गोगोई को जोरहाट में हार

Report By: Kiran Prakash Singh

असम चुनाव 2026 में BJP ने बढ़त बनाई, हिमंत बिस्वा सरमा का दबदबा कायम। जोरहाट में गौरव गोगोई की हार से कांग्रेस को बड़ा झटका।


Assam Election 2026: ‘सरमा राज’ बरकरार, विपक्ष हुआ कमजोर


असम में BJP की प्रचंड बढ़त, सत्ता बरकरार

असम विधानसभा चुनाव 2026 के रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन-चौथाई बहुमत की ओर बढ़त बना ली है।
यह संकेत देता है कि राज्य में हिमंत बिस्वा सरमा का नेतृत्व अभी भी मजबूत और लोकप्रिय बना हुआ है।

लगातार दूसरी बार सत्ता की ओर बढ़ रही BJP ने यह साबित किया है कि विकास और मजबूत संगठन चुनावी सफलता की कुंजी बन सकते हैं।


जोरहाट में बड़ा उलटफेर, गौरव गोगोई को हार

असम की राजनीति में सबसे बड़ी खबर जोरहाट सीट से आई, जहां
हितेंद्र नाथ गोस्वामी (BJP) ने कांग्रेस के दिग्गज नेता गौरव गोगोई को 23,182 वोटों से हराया

गौरव गोगोई को 46,257 वोट मिले, लेकिन वे मुकाबले में पीछे रह गए।
यह हार सिर्फ एक सीट का नुकसान नहीं, बल्कि कांग्रेस के लिए राजनीतिक झटका मानी जा रही है।


कांग्रेस क्यों पिछड़ी?

असम में कांग्रेस की कमजोर स्थिति के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं—

  • संगठन की कमी
  • स्थानीय मुद्दों पर कमजोर पकड़
  • BJP के मजबूत नेतृत्व के सामने कमजोर रणनीति
  • गठबंधन की स्पष्ट दिशा का अभाव

इन कारणों ने मिलकर कांग्रेस को चुनावी दौड़ में पीछे धकेल दिया


हिमंत बिस्वा सरमा का फैक्टर कितना बड़ा?

इस चुनाव में सबसे बड़ा चेहरा हिमंत बिस्वा सरमा ही रहे।
उनकी आक्रामक राजनीति, तेज फैसले और जमीनी पकड़ ने BJP को मजबूत किया।

सरमा ने विकास, कानून-व्यवस्था और पहचान की राजनीति को मिलाकर
एक ऐसा नैरेटिव तैयार किया, जिसने मतदाताओं को प्रभावित किया।


क्या यह जीत स्थायी है या अस्थायी लहर?

BJP की यह जीत बड़ी जरूर है, लेकिन यह सवाल भी उठता है कि
क्या यह स्थायी जनसमर्थन है या फिर एक चुनावी लहर?

राजनीति में अक्सर देखा गया है कि
तेज जीत के बाद अपेक्षाएं भी तेजी से बढ़ती हैं,
और अगर उन पर खरा नहीं उतरा जाए, तो वही जनसमर्थन जल्दी खत्म भी हो सकता है।


असम चुनाव 2026 के नतीजे यह दिखाते हैं कि
मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट रणनीति चुनाव जीतने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

जहां BJP ने अपनी पकड़ मजबूत की है,
वहीं कांग्रेस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल है—
क्या वह खुद को फिर से खड़ा कर पाएगी?

यह चुनाव सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि
पूर्वोत्तर की राजनीति में बदलते संतुलन का संकेत भी है।


 

Also Read

करण जौहर बोले – “डर लगता है कि मेरे बच्चों का वजन बढ़ गया तो लोग मजाक उड़ाएंगे”

धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ की स्क्रीनिंग में बॉलीवुड सितारों ने जताई भावनाएं

“गोरखपुर की दुर्गा पूजा: परंपरा और भव्यता का संगम”

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में एक बार फिर से वक्फ कानून के खिलाफ हिंसा भड़क उठी

जमानत खत्म, आसाराम ने जेल में किया सरेंडर

You Might Also Like

रोहित की वापसी पर सस्पेंस खत्म, आज खेलेंगे या नहीं

राजा शिवाजी Day 3 कलेक्शन, बॉक्स ऑफिस पर गर्दा

बंगाल नतीजों पर बाबा रामदेव का बड़ा बयान

बंगाल नतीजों के बाद सपा नेता का कांग्रेस पर वार

बंगाल में BJP बढ़त पर स्मृति ईरानी का बड़ा बयान

बंगाल में BJP की जीत के 5 बड़े वादों का असर

तमिलनाडु में TVK नंबर वन, DMK को बड़ा झटका

5 राज्यों के रुझान: किसकी सरकार, किसका पतन?

Select Your City