
Report By: Kiran Prakash Singh
2026 पासपोर्ट रैंकिंग में सिंगापुर नंबर-1, भारत और पाकिस्तान की स्थिति भी सामने आई। जानें किस देश का पासपोर्ट कितना ताकतवर है।
2026 पासपोर्ट रैंकिंग: कौन सबसे ताकतवर, भारत-पाक कहाँ?
दुनिया का नंबर-1 पासपोर्ट
2026 की वैश्विक पासपोर्ट रैंकिंग में सिंगापुर ने एक बार फिर पहला स्थान हासिल किया है। इसके नागरिक 192 देशों में बिना वीजा या आसान एंट्री के साथ यात्रा कर सकते हैं।
एशिया का दबदबा कायम
सिंगापुर के बाद जापान, दक्षिण कोरिया और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश दूसरे स्थान पर हैं, जहां के नागरिक लगभग 187 देशों तक वीजा-फ्री पहुंच रखते हैं।
यूरोप भी पीछे नहीं
यूरोप के कई देश जैसे नॉर्वे और स्विट्जरलैंड भी टॉप रैंक में शामिल हैं। इनके नागरिकों को 180+ देशों में बिना वीजा यात्रा की सुविधा मिलती है, जिससे उनका पासपोर्ट बेहद मजबूत माना जाता है।
भारत की स्थिति क्या है?
भारत का पासपोर्ट 2026 में लगभग 75वें से 80वें स्थान के बीच रहा है। भारतीय नागरिक करीब 55–56 देशों में वीजा-फ्री या वीजा-ऑन-अराइवल यात्रा कर सकते हैं।
यह पिछले वर्षों के मुकाबले सुधार जरूर दिखाता है, लेकिन अभी भी टॉप देशों से काफी पीछे है।
पाकिस्तान की रैंकिंग
पाकिस्तान दुनिया के सबसे कमजोर पासपोर्ट में शामिल है। इसकी रैंक लगभग 98वें स्थान के आसपास बताई जाती है, जहां नागरिकों को बहुत सीमित देशों में ही वीजा-फ्री एंट्री मिलती है।
सबसे कमजोर पासपोर्ट कौन सा?
2026 में सबसे कमजोर पासपोर्ट अफगानिस्तान का माना गया है, जहां नागरिक सिर्फ 20-25 देशों तक ही बिना वीजा जा सकते हैं।
इसके पीछे राजनीतिक अस्थिरता और वैश्विक संबंधों की कमी बड़ी वजह है।
पासपोर्ट ताकत क्यों मायने रखती है?
पासपोर्ट की ताकत सिर्फ यात्रा नहीं, बल्कि
- कूटनीतिक संबंध
- आर्थिक स्थिति
- वैश्विक भरोसा
को भी दर्शाती है।
जिस देश का पासपोर्ट मजबूत होता है, उसके नागरिकों को दुनिया में ज्यादा आसान और सम्मानजनक यात्रा मिलती है।
2026 की पासपोर्ट रैंकिंग साफ दिखाती है कि दुनिया में यात्रा की आज़ादी बराबर नहीं है।
जहां कुछ देशों के लोग 190+ देशों में जा सकते हैं, वहीं कुछ देशों के नागरिकों के लिए यह संख्या 30-40 तक सीमित है।
📅 03/05/2026
✍️ digital livenews.com
इस रैंकिंग से यह भी स्पष्ट होता है कि आपका जन्म किस देश में हुआ है, यह आपकी वैश्विक पहुंच को काफी हद तक तय करता है।