
Report By: Kiran Prakash Singh
2026 एग्जिट पोल में बंगाल में BJP को बढ़त, लेकिन 2021 में भी सर्वे उलट साबित हुए थे। जानें असम, केरल और तमिलनाडु का पूरा चुनावी गणित।
बंगाल में एग्जिट पोल में BJP की बढ़त, क्या 2021 जैसा होगा उलटफेर?
2026 एग्जिट पोल में BJP को बढ़त के संकेत
पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के एग्जिट पोल 2026 ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। अधिकांश सर्वे में बीजेपी को बंगाल में बढ़त मिलती दिख रही है और पार्टी के अपने दम पर सरकार बनाने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, यही तस्वीर 2021 में भी देखने को मिली थी, जब एग्जिट पोल बीजेपी के पक्ष में थे, लेकिन असली नतीजे बिल्कुल अलग निकले थे।
2021 में एग्जिट पोल साबित हुए थे गलत
साल 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कई बड़े सर्वे एजेंसियों ने बीजेपी को बढ़त या बहुमत के करीब बताया था। लेकिन जब नतीजे आए, तो Mamata Banerjee की अगुवाई वाली TMC ने 215 सीटें जीतकर शानदार जीत दर्ज की, जबकि बीजेपी सिर्फ 77 सीटों पर सिमट गई। यह नतीजे एग्जिट पोल के अनुमानों से पूरी तरह उलट थे, जिससे सर्वे की विश्वसनीयता पर सवाल उठे थे।
असम में एग्जिट पोल रहे थे सटीक
जहां बंगाल में एग्जिट पोल गलत साबित हुए, वहीं असम में तस्वीर अलग रही। 2021 में असम के अधिकांश एग्जिट पोल ने बीजेपी गठबंधन की जीत का अनुमान लगाया था, जो काफी हद तक सही साबित हुआ। नतीजों में बीजेपी गठबंधन को 76 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस गठबंधन 49 सीटों पर सिमट गया। 2026 के एग्जिट पोल भी संकेत दे रहे हैं कि बीजेपी यहां लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी कर सकती है।
केरल में बदल सकता है सत्ता का समीकरण
केरल की राजनीति हमेशा सत्ता परिवर्तन के लिए जानी जाती रही है, लेकिन 2021 में एग्जिट पोल ने सभी को चौंका दिया था। सर्वे में वाम मोर्चा (LDF) की वापसी का अनुमान लगाया गया था, जो नतीजों में भी सही साबित हुआ। हालांकि 2026 के एग्जिट पोल में संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF गठबंधन सत्ता में वापसी कर सकता है, जिससे राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव संभव है।
तमिलनाडु में DMK मजबूत, लेकिन चुनौती बरकरार
तमिलनाडु में एग्जिट पोल DMK को मजबूत स्थिति में दिखा रहे हैं, लेकिन इस बार मुकाबला पहले से ज्यादा दिलचस्प नजर आ रहा है। एक्टर Vijay की पार्टी TVK की एंट्री ने चुनाव को और रोचक बना दिया है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या DMK अपनी पकड़ बरकरार रख पाती है या कोई नया राजनीतिक समीकरण सामने आता है।
कुल मिलाकर, एग्जिट पोल संकेत जरूर देते हैं, लेकिन अंतिम सच नहीं होते। 2021 का बंगाल चुनाव इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जहां सभी अनुमान धरे के धरे रह गए थे। ऐसे में 2026 के नतीजों को लेकर भी यही कहा जा सकता है कि असली तस्वीर मतगणना के बाद ही साफ होगी।