
Report By: Kiran Prakash Singh
🌿 जब मन भारी लगे और ऊर्जा खत्म हो जाए: आयुर्वेद से हार्मोन संतुलन और मूड सुधार के उपाय
मन भारी और मूड स्विंग्स महसूस हो रहे हैं? आयुर्वेद, योग, प्राणायाम और घरेलू उपायों से हार्मोन संतुलन और मानसिक स्थिरता पाएं।
नई दिल्ली: (digitallivenews)। अगर अक्सर मन भारी, थकान और मूड स्विंग्स महसूस हो रहे हैं, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह स्थिति अक्सर हार्मोन असंतुलन की वजह से होती है। आयुर्वेद इसे सिर्फ मानसिक समस्या नहीं मानता, बल्कि इसे शरीर और मन दोनों का विकार मानता है।
हार्मोन का असर:
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थायरॉयड धीमा होने पर शरीर और मन सुस्त महसूस करते हैं।
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कोर्टिसोल बढ़ना तनाव, बेचैनी और डर को बढ़ाता है, जो धीरे-धीरे डिप्रेशन जैसा असर डाल सकता है।
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आयुर्वेद के अनुसार यह मुख्य रूप से वात और तमोगुण के असंतुलन से होता है।
आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां और उनके फायदे:
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अश्वगंधा: तनाव कम करती है और कोर्टिसोल संतुलित करती है।
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शंखपुष्पी: मस्तिष्क को शांत करती है और मूड स्थिर करती है।
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जटामांसी: गहरी नींद और मानसिक स्थिरता देती है।
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ब्राह्मी: फोकस बढ़ाती है और मन हल्का करती है।
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कुमारी (एलोवेरा): थायरॉयड संतुलन में सहायक।
योग और प्राणायाम से मदद:
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अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, उज्जायी प्राणायाम
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सूर्य नमस्कार और शशांकासन
ये नाड़ियों को शांत करके मूड बेहतर बनाते हैं।
आहार और जीवनशैली सुझाव:
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हल्का, सुपाच्य भोजन, तिल, बादाम, घी, गर्म दूध, हल्दी, दालचीनी, गुड़
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कैफीन से बचें
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सुबह सूरज की रोशनी में 20 मिनट वॉक
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नियमित नींद और स्क्रीन टाइम कम करें
सरल घरेलू उपाय:
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सिर और पैरों की मालिश तिल, ब्राह्मी और अंजनाम तेल से
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दूध में अश्वगंधा पाउडर, गर्म पानी में घी की बूंदें या शहद में दालचीनी
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रात में जटामांसी का काढ़ा, धीमी संगीत थेरेपी, मंत्र जप और डायरी लिखना
इन छोटे-छोटे उपायों और दिनचर्या बदलाव से आप मन हल्का, ऊर्जा बढ़ी और मूड स्थिर महसूस कर सकते हैं।