प्रदर्शन पर सुनवाई के दौरान CJI की फटकार, बोले- कोर्ट मछली बाजार नहीं

Report By: Kiran Prakash SIngh

इंडिया गठबंधन और CJP के विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। बहस के दौरान CJI ने वकील को फटकार लगाते हुए अनुशासन बनाए रखने की हिदायत दी।

आज की तारीख: 3 नवंबर 2026 | डिजिटल लाइव ब्यूरो


प्रदर्शन से जुड़े मामलों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

दिल्ली में जुलाई और अक्टूबर में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान बनी परिस्थितियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान प्रदर्शन के अधिकार, व्यापारिक गतिविधियों पर असर और प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें व वीडियो रिकॉर्ड किए जाने जैसे मुद्दे उठाए गए।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने दोनों पक्षों ने अपनी दलीलें रखीं। इस दौरान अदालत में कई बार तीखी बहस भी देखने को मिली।

व्यापार संगठनों ने नुकसान का मुद्दा उठाया

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि मामले के सभी पहलुओं पर अलग-अलग जवाब तैयार किया गया है, जिसे दाखिल किया जा रहा है।

वहीं, वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी व्यापार संगठनों की ओर से पेश हुए। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शनों के कारण व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। रामलीला मैदान के आसपास कई थोक बाजार हैं, जहां लाखों लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है। उन्होंने इस मामले में अदालत से हस्तक्षेप करने की मांग की।

प्रदर्शन को मौलिक अधिकार बताकर दी गई दलील

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने कहा कि विरोध प्रदर्शन करना मौलिक अधिकार है। जिस स्थान को भी प्रदर्शन के लिए चुना जाएगा, वहां किसी न किसी तरह की व्यावसायिक गतिविधि जरूर होगी। केवल व्यापार प्रभावित होने के आधार पर प्रदर्शन के अधिकार को रोका नहीं जा सकता।

इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जुलाई में हुए प्रदर्शन का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के लिए एक दिन की अनुमति ली गई थी, लेकिन प्रदर्शनकारी 17 दिनों तक वहां बैठे रहे। इसके बाद संसद मार्च का आह्वान भी किया गया।

प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें लेने पर निजता का सवाल

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने प्रदर्शन के समय पुलिस द्वारा लोगों की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस संबंध में दाखिल याचिका पर भी नोटिस जारी करने की मांग की। उनका तर्क था कि ऐसा करना लोगों की निजता का उल्लंघन है।

इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन करने वाले लोग निजता का हवाला दे रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि इसी आधार पर तो सीसीटीवी कैमरे बंद करने की मांग भी की जा सकती है।

हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि सवाल केवल तस्वीरें लेने का नहीं, बल्कि फेशियल रिकॉग्निशन टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से जुड़ा है।

CJI ने वकील को लगाई फटकार

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष के एक वकील बार-बार अपनी बात रखने के लिए बीच में हस्तक्षेप कर रहे थे। इस पर चीफ जस्टिस ने नाराजगी जताते हुए कहा, “क्या कोर्ट को मछली बाजार समझ रखा है? इस तरह का आचरण नहीं चल सकता।”

अदालत ने वकीलों को सुनवाई के दौरान अनुशासन बनाए रखने की हिदायत दी।

एक जैसी याचिकाएं दाखिल करने पर भी जताई नाराजगी

चीफ जस्टिस ने याचिकाकर्ताओं से यह भी कहा कि एक ही तरह के मुद्दों पर मिलती-जुलती याचिकाएं दाखिल करने से सुनवाई में मुश्किलें पैदा होती हैं। अदालत ने इस तरह की पुनरावृत्ति से बचने की बात कही।

सुनवाई के दौरान मेनका गुरुस्वामी ने बताया कि फेशियल रिकॉग्निशन से जुड़े मुद्दे पर पहले ही नोटिस जारी हो चुका है। वहीं, सॉलिसिटर जनरल ने अपने जवाब का हवाला देते हुए कहा कि केवल तस्वीरें कैप्चर होने के आधार पर किसी व्यक्ति की पहचान करके मुकदमा दर्ज नहीं किया जाता।

वेबसाइट: digitallivenews.com

Also Read

वंदे मातरम विवाद पर इमरान मसूद का बड़ा बयान, बोले- नहीं गाऊंगा

Trump ने Iran के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का इशारा किया, परमाणु वार्ता विफल होने पर बढ़ सकती है तनाव

सौरव दास-आशुतोष रांका की हिरासत पर आज सुनवाई करेगा HC

30 की उम्र में 240 करोड़ के मालिक टॉम हॉलैंड, जानें लग्जरी लाइफ

केंद्र सरकार में 8.24 लाख पद खाली, 10 साल में दोगुनी हुई रिक्तियां

You Might Also Like

विराट कोहली की दरियादिली, फैंस के बीच पहुंचकर बांटे ऑटोग्राफ

IND vs NZ 1st ODI: रोहित-गिल करेंगे ओपनिंग, ऐसी हो सकती है भारत की प्लेइंग XI

अक्षय कुमार की सुरक्षा बढ़ी, घर के बाहर हथियारबंद पुलिसकर्मी तैनात

‘मंगल रंग’ की ट्रोलिंग पर अरमान मलिक का जवाब, बोले- सम्मान से पेश किया

2027 के 7 विधानसभा चुनाव तय करेंगे 2029 की दिशा, BJP के सामने बड़ी चुनौती

जौहर यूनिवर्सिटी केस: आजम खान पर ED कसेगी शिकंजा, चार्जशीट जल्द

हार्दिक पांड्या को KKR में मिल सकती है कप्तानी, अश्विन का बयान वायरल

मुंबई इंडियंस में बड़ा बदलाव, रॉबिन उथप्पा बने बैटिंग कोच

Select Your City