
Report By: Kiran Prakash Singh
अखिलेश यादव ने 2027 चुनाव से पहले महिलाओं के लिए कई घोषणाएं कीं। डिंपल यादव को CM चेहरा बनाने के सवाल पर उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया।
दिनांक: 26 अगस्त 2026
वेबसाइट: digitallivenews.com
डिंपल यादव को CM बनाएंगे अखिलेश? सपा चीफ ने दिया संकेत
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज होती जा रही हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महिलाओं और बेटियों को लेकर कई बड़े ऐलान किए हैं। साथ ही डिंपल यादव को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाए जाने के सवाल पर उनके जवाब ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी है।
अखिलेश यादव से जब उनकी पत्नी और सपा सांसद डिंपल यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाए जाने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने सीधे तौर पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि सवाल पूछने वाले इसी मुद्दे में उलझे हुए हैं। उनके इस जवाब को लेकर अब सियासी गलियारों में अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं।
डिंपल यादव के CM फेस पर क्या बोले अखिलेश?
सपा प्रमुख से पूछा गया कि क्या आगामी विधानसभा चुनाव में डिंपल यादव को मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर पेश किया जा सकता है। इस पर अखिलेश यादव ने स्पष्ट घोषणा करने के बजाय सवाल को लेकर टिप्पणी की।
उन्होंने एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित उस चर्चा का भी जिक्र किया, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तुलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि से किए जाने की बात कही गई थी। हालांकि, डिंपल यादव को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश ने कोई सीधा हां या ना वाला जवाब नहीं दिया।
इसी वजह से उनके बयान को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
महिलाओं के लिए 40 हजार रुपये देने का ऐलान
अखिलेश यादव ने महिलाओं को लेकर समाजवादी पार्टी की आगामी योजनाओं का खाका भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि पार्टी के घोषणापत्र में ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ को शामिल किया जाएगा।
इस योजना के तहत महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये देने का प्रस्ताव रखा गया है। अखिलेश ने कहा कि यह राशि आगे हर साल बढ़ाई भी जाएगी।
उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की आधी आबादी की तरक्की के बिना वास्तविक विकास संभव नहीं है। सपा महिलाओं को सुरक्षित, स्वतंत्र और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में काम करेगी।
छात्राओं को लैपटॉप देने का भी वादा
अखिलेश यादव ने छात्राओं को लेकर भी योजना का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर इंटरमीडिएट पास करने वाली छात्राओं को लैपटॉप देने का काम किया जाएगा।
इसके साथ ही उन्होंने सपा सरकार के दौरान शुरू की गई पेंशन योजना को आगे बढ़ाने की बात कही। पार्टी की ओर से महिलाओं की सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता को चुनावी एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की तैयारी दिखाई दे रही है।
अखिलेश ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और आधी आबादी को पूरी आजादी देने का संकल्प लिया जाएगा।
बीजेपी पर अखिलेश यादव का हमला
महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर अखिलेश यादव ने बीजेपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के लिए नारी सिर्फ एक नारा बनकर रह गई है।
अखिलेश ने महिला आरक्षण कानून को लागू करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि जब बीजेपी के नेता नारी सम्मान और नारी वंदन की बात करें तो उन्हें हाथरस जैसी घटनाओं की याद दिलाई जानी चाहिए।
उन्होंने खुशी दुबे के मामले का भी उल्लेख किया और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। इन बयानों के जरिए सपा प्रमुख ने महिलाओं से जुड़े मुद्दों को आगामी चुनावी रणनीति के केंद्र में रखने के संकेत दिए।
PDA के नए मतलब पर अखिलेश का तंज
अखिलेश यादव ने PDA को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी प्रोग्रेसिव सोच रखने वाले लोगों को जोड़ने का काम करती है और परिस्थितियों के अनुसार अपना विस्तार करती है।
इसी दौरान उन्होंने PDA का अलग अर्थ बताते हुए कहा कि इसका P ‘प्रोस्टेट’ भी हो सकता है। इसके बाद उन्होंने राजनीतिक तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोगों के लिए PDA का मतलब ‘पेट में दर्द’ भी है।
समाजवादी पार्टी लंबे समय से PDA को अपने राजनीतिक समीकरण के रूप में इस्तेमाल करती रही है। अखिलेश का ताजा बयान इसी राजनीतिक रणनीति और विपक्ष पर उनके हमले के संदर्भ में देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर, डिंपल यादव को CM चेहरा बनाने के सवाल पर अखिलेश यादव का सीधा जवाब न देना आने वाले समय में चर्चा का विषय बना रह सकता है। वहीं महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता, छात्राओं को लैपटॉप और सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर किए गए ऐलान से साफ है कि सपा 2027 के चुनाव में महिला मतदाताओं को अपने एजेंडे के केंद्र में रखने की तैयारी कर रही है।
Digital Live News | 26 अगस्त 2026
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