बढ़ापुर में SC-OBC वोट तय करेगा 2027 में हार-जीत का खेल

Report By: Kiran Prakash Singh

UP Election 2027 में बिजनौर की बढ़ापुर सीट पर बीजेपी और सपा के बीच मुकाबला अहम होगा। मुस्लिम, SC और OBC वोट चुनावी नतीजों में बड़ी भूमिका निभाएंगे।

21 अगस्त 2026 | digitallivenews.com


UP Election 2027: बढ़ापुर में SC-OBC वोट तय करेगा सियासी समीकरण

बढ़ापुर सीट पर बीजेपी-सपा के बीच फिर दिख सकता है मुकाबला

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। बिजनौर जिले की बढ़ापुर विधानसभा सीट पर भी चुनावी नजरें टिकी रहेंगी। विधानसभा संख्या 19 वाली यह सीट मुरादाबाद लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के नतीजों को देखें तो यहां बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच मुकाबला काफी दिलचस्प रहा है।

2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के सुशांत कुमार सिंह ने सपा के कपिल कुमार को 14,345 वोटों से हराया था। बीजेपी को 1,00,100 वोट मिले, जबकि सपा के खाते में 85,755 वोट आए। बसपा के मोहम्मद गाजी को 46,638 वोट मिले थे।

2022 में बीजेपी ने दर्ज की थी जीत

2022 में बढ़ापुर सीट पर बीजेपी को 41.58 फीसदी वोट मिले थे। सपा को 35.62 फीसदी और बसपा को 19.37 फीसदी वोट मिले। कांग्रेस का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा और उसे केवल 1,452 वोट मिले।

उस चुनाव में सपा और रालोद गठबंधन के साथ मैदान में थे, जबकि बीजेपी और बसपा ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। बसपा प्रत्याशी मोहम्मद गाजी को मिले वोटों ने भी चुनावी गणित को प्रभावित किया।

सपा के कपिल कुमार गुर्जर समाज से आते थे, लेकिन उपलब्ध अनुमान के मुताबिक बढ़ापुर में गुर्जर मतदाताओं की संख्या सीमित है। ऐसे में अलग-अलग सामाजिक समूहों का समर्थन चुनावी नतीजे पर असर डाल सकता है।

2024 लोकसभा चुनाव में बदला समीकरण

2024 के लोकसभा चुनाव में बढ़ापुर विधानसभा क्षेत्र का परिणाम 2022 से अलग रहा। यहां सपा को 1,03,426 वोट मिले, जबकि बीजेपी को 99,450 और बसपा को 18,604 वोट मिले।

सपा की रुचि वीरा ने बीजेपी के कुंवर सर्वेश कुमार को 3,956 वोटों से पीछे छोड़ा। 2022 की तुलना में सपा के वोट में बढ़ोतरी हुई, जबकि बसपा का वोट काफी कम हुआ।

इन आंकड़ों से यह संकेत मिलता है कि 2024 में बीजेपी और सपा के बीच मुकाबला बेहद करीबी रहा। वहीं बसपा के वोट में बड़ी गिरावट ने भी चुनावी समीकरण को प्रभावित किया।

मुस्लिम और SC मतदाताओं की बड़ी भूमिका

बढ़ापुर के अनुमानित जातीय समीकरण में मुस्लिम मतदाता सबसे बड़े समूह के रूप में बताए जाते हैं। इसके बाद क्षत्रिय और SC मतदाताओं की संख्या महत्वपूर्ण है।

अनुमान के अनुसार यहां करीब 1.20 लाख मुस्लिम, 55 हजार SC और 58 हजार क्षत्रिय मतदाता हैं। इसके अलावा सैनी, पंजाबी और पाल समाज के मतदाता भी चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

हालांकि ये जातीय आंकड़े अनुमानित हैं और वास्तविक मतदाता संरचना अलग हो सकती है। इसलिए इन्हें चुनावी विश्लेषण के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

OBC और अन्य सामाजिक समूहों पर भी नजर

बढ़ापुर में सैनी, पाल, कश्यप, प्रजापति और अन्य पिछड़े वर्गों के मतदाताओं की संख्या भी चुनावी गणित में महत्वपूर्ण हो सकती है। सैनी और पंजाबी मतदाताओं के साथ पाल और अन्य OBC समूहों का समर्थन किसी भी उम्मीदवार के लिए अहम साबित हो सकता है।

यही वजह है कि 2027 के चुनाव में सिर्फ मुस्लिम और क्षत्रिय मतदाताओं पर ही नजर नहीं होगी, बल्कि SC और OBC वोटों का रुख भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

2024 के लोकसभा चुनाव में सपा को मुस्लिम मतदाताओं के अलावा सैनी और पाल समाज के वोट मिलने की चर्चा भी रही थी। ऐसे में 2027 में यह देखना अहम होगा कि ये सामाजिक समूह किस राजनीतिक दल के पक्ष में जाते हैं।

2027 में किसके पक्ष में जाएगा बढ़ापुर?

बढ़ापुर में 2027 का चुनाव कई स्तरों पर महत्वपूर्ण हो सकता है। 2022 में जहां बीजेपी ने विधानसभा चुनाव जीता था, वहीं 2024 में इसी विधानसभा क्षेत्र में सपा ने लोकसभा चुनाव के दौरान बढ़त बनाई।

2026 के SIR के बाद उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बढ़ापुर विधानसभा में 3,39,054 मतदाता रह गए हैं। 2024 में यह संख्या 3,61,006 बताई गई थी। यानी मतदाता सूची में 21,952 की कमी दर्ज हुई।

ऐसे में 2027 में उम्मीदवारों के चयन, गठबंधन, स्थानीय मुद्दों और विभिन्न सामाजिक समूहों के मतदान व्यवहार पर सबकी नजर रहेगी। बीजेपी अपने पिछले विधानसभा प्रदर्शन को दोहराने की कोशिश करेगी, जबकि सपा 2024 के लोकसभा प्रदर्शन को विधानसभा चुनाव में बदलने की चुनौती के साथ मैदान में होगी।

फिलहाल बढ़ापुर का चुनावी मुकाबला खुला हुआ नजर आता है और SC-OBC, मुस्लिम तथा अन्य पिछड़े वर्गों के वोट नतीजे को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल हो सकते हैं।

21 अगस्त 2026 | digitallivenews.com

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