
Report By: Kiran Prakash Singh
शिवसेना (यूबीटी) के राम रक्षा आंदोलन के लिए संजय राउत ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र भेजकर शामिल होने का न्योता दिया।
📅 दिनांक: 17 जुलाई 2026
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राम रक्षा आंदोलन के लिए संजय राउत ने मोहन भागवत को भेजा पत्र, नागपुर आने का दिया न्योता
शिवसेना (यूबीटी) ने 18 जुलाई को नागपुर में आयोजित होने वाले ‘राम रक्षा आंदोलन’ की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत को पत्र लिखकर आंदोलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। राउत ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर भी जानकारी साझा की।
पत्र में उन्होंने अयोध्या राम मंदिर में दान और आभूषणों के कथित गबन के आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह के आरोपों से करोड़ों राम भक्तों की आस्था प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि इसी मुद्दे पर जनजागरूकता बढ़ाने के लिए राज्यव्यापी अभियान चलाया जा रहा है।
मोहन भागवत को लिखा विशेष पत्र
संजय राउत ने अपने पत्र की शुरुआत “परम आदरणीय श्री मोहनराव भागवत जी, आपके आशीर्वाद चाहिए” जैसे संबोधन से की। उन्होंने आग्रह किया कि संघ प्रमुख इस आंदोलन में शामिल होकर भगवान राम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संदेश दें।
राउत का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य किसी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि राम मंदिर में दान और चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़े कथित मामलों पर जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
नागपुर में होगा राम रक्षा आंदोलन
18 जुलाई को नागपुर में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे भी शामिल होंगे।
पार्टी के अनुसार, कार्यक्रम में हजारों राम भक्तों के शामिल होने की उम्मीद है। आंदोलन के दौरान ‘राम रक्षा स्तोत्र’, ‘हनुमान स्तोत्र’ और ‘हनुमान चालीसा’ का सामूहिक पाठ किया जाएगा। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कथित अनियमितताओं पर जवाबदेही की मांग उठाना बताया गया है।
फडणवीस को भी दिया गया निमंत्रण
संजय राउत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी इस आंदोलन में शामिल होने के लिए पत्र भेजा है।
उन्होंने कहा कि चूंकि यह कार्यक्रम नागपुर, जो फडणवीस का गृह नगर है, में आयोजित हो रहा है, इसलिए उनकी उपस्थिति महत्वपूर्ण होगी। इससे पहले उद्धव ठाकरे भी घोषणा कर चुके हैं कि वे स्वयं आंदोलन में शामिल होंगे और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे।
कथित चढ़ावा अनियमितता का मामला
राम मंदिर में दान और चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मामला पिछले महीने सामने आया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया।
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई और पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामले की जांच अभी भी जारी है और संबंधित एजेंसियां आगे की कार्रवाई कर रही हैं।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
राम रक्षा आंदोलन को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में भी बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) इसे धार्मिक आस्था और जवाबदेही का मुद्दा बता रही है, जबकि अन्य राजनीतिक दलों की ओर से भी इस विषय पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
आने वाले दिनों में नागपुर में होने वाला यह आंदोलन राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि कार्यक्रम में किन-किन नेताओं की मौजूदगी रहती है और आगे इस मुद्दे पर क्या राजनीतिक घटनाक्रम सामने आते हैं।
निष्कर्ष
नागपुर में प्रस्तावित राम रक्षा आंदोलन को लेकर शिवसेना (यूबीटी) ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। संजय राउत द्वारा मोहन भागवत और देवेंद्र फडणवीस को भेजे गए निमंत्रण ने इस कार्यक्रम को और अधिक राजनीतिक चर्चा का विषय बना दिया है। वहीं, राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा प्रबंधन मामले की जांच जारी है। ऐसे में आंदोलन और जांच, दोनों पर देशभर की निगाहें टिकी हुई हैं।
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