आगरा फाउंड्री उद्योग को राहत, नीरी बनाएगा नई गाइडलाइन

Report By: Kiran Prakash Singh

30 जून 2026: आगरा फाउंड्री उद्योग के लिए नीरी नई सेक्टोरियल गाइडलाइन बनाएगा। यूपीपीसीबी डेटा जुटा रहा है, उद्योग को बड़ी राहत की उम्मीद।

Published Date: 30 जून 2026
Website: digitallivenews.com

आगरा फाउंड्री उद्योग को बड़ी राहत, नीरी तैयार करेगा नई सेक्टोरियल गाइडलाइन

आगरा के फाउंड्री उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण राहत की खबर सामने आई है। नेशनल इन्वायरमेंटल इंजीनियरिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (नीरी) अब इस सेक्टर के लिए नई सेक्टोरियल गाइडलाइन तैयार करेगा। इस प्रक्रिया के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) फाउंड्री एसोसिएशन से आवश्यक तकनीकी और औद्योगिक जानकारी एकत्र कर नीरी को उपलब्ध करा रहा है। उद्योग जगत को उम्मीद है कि इस नई गाइडलाइन से वर्षों से चल रही समस्याओं का समाधान निकल सकता है।

नीरी तैयार करेगा फाउंड्री उद्योग के लिए गाइडलाइन

नीरी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में फाउंड्री उद्योग के लिए सेक्टोरियल गाइडलाइन तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। यह गाइडलाइन उद्योगों के संचालन, प्रदूषण नियंत्रण और तकनीकी मानकों को ध्यान में रखते हुए बनाई जाएगी। इससे फाउंड्री इकाइयों को स्पष्ट दिशा-निर्देश मिलेंगे, जिससे भविष्य में नियमों को लेकर होने वाली असमंजस की स्थिति कम हो सकेगी।

यूपीपीसीबी जुटा रहा है उद्योग से जुड़ा डेटा

उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आगरा फाउंड्री एसोसिएशन को पत्र भेजकर विस्तृत तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। इसमें भट्टियों (फर्नेस), इंडक्शन सिस्टम की क्षमता, आकार और उनसे निकलने वाले धुएं से संबंधित डेटा शामिल है। यह जानकारी नीरी को गाइडलाइन तैयार करने में मदद करेगी ताकि वास्तविक स्थिति के आधार पर नीति बनाई जा सके।

आगरा का फाउंड्री उद्योग और उसकी स्थिति

आगरा का फाउंड्री उद्योग शहर के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है। फाउंड्री नगर, नुनिहाई और रामबाग जैसे क्षेत्रों में करीब 80 इकाइयां संचालित हो रही हैं। यहां ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और मशीनरी पार्ट्स का निर्माण किया जाता है। पहले यह उद्योग कोयले पर आधारित था, लेकिन ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में प्रतिबंधों के बाद अब यह गैस और बिजली आधारित भट्टियों पर शिफ्ट हो चुका है।

कानूनी आदेशों और प्रतिबंधों का असर

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने वर्ष 2016 में फाउंड्री उद्योग को प्रदूषण श्रेणी में शामिल किया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत इस उद्योग पर कई तरह के प्रतिबंध लागू हुए। 2021 के आदेश के अनुपालन में अब नीरी द्वारा सेक्टोरियल गाइडलाइन तैयार की जा रही है। इन कानूनी प्रतिबंधों के कारण कई इकाइयों को विस्तार और नई स्थापना में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

उद्योग को मिल सकती है बड़ी राहत

फाउंड्री एसोसिएशन के अनुसार, वर्तमान में उद्योग कई समस्याओं से जूझ रहा है। गैस आपूर्ति में कटौती, बिजली कनेक्शन की कमी और टीटीजेड में विस्तार पर प्रतिबंध जैसी चुनौतियां प्रमुख हैं। उद्यमियों का मानना है कि यदि नीरी द्वारा वैज्ञानिक और व्यवहारिक गाइडलाइन तैयार की जाती है तो उद्योग को बड़ी राहत मिल सकती है और लंबे समय से चला आ रहा संकट कम हो सकता है।

फिलहाल फाउंड्री उद्योग की उम्मीदें नई गाइडलाइन पर टिकी हैं। यदि यह नीति संतुलित और व्यवहारिक होती है तो आगरा का यह पारंपरिक उद्योग फिर से मजबूती की ओर बढ़ सकता है। प्रशासन और विशेषज्ञों की नजर अब नीरी की रिपोर्ट और उसके आगामी दिशा-निर्देशों पर है।

Source: digitallivenews.com

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