
Report By: Kiran Prakash Singh
अरुणाचल प्रदेश सीमा पर भारत-चीन सैनिकों के बीच तनाव के ITBP डीजी के बयान पर अभिजीत दीपके और कांग्रेस ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर सवाल पूछे।
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ITBP डीजी के चीन वाले बयान पर सियासत, अभिजीत दीपके ने सरकार को घेरा
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अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर सैनिकों के बीच तनाव को लेकर आईटीबीपी के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। सीजेपी नेता अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सीमा की सुरक्षा के लिए तैनात सुरक्षा बलों का इस्तेमाल देश के भीतर विरोध-प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए किया जा रहा है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी चीन के प्रति सरकार की नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं।
1. अभिजीत दीपके ने सरकार पर क्या आरोप लगाए?
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि जिन सुरक्षा बलों को देश की सीमाओं की रक्षा करनी चाहिए, उन्हें नागरिकों के विरोध-प्रदर्शनों को रोकने के लिए तैनात किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार देश के भीतर सुरक्षा बलों का इस्तेमाल करके राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर ध्यान भटका रही है। दीपके ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सीमाओं को सुरक्षित करना होनी चाहिए, न कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को रोकने के लिए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को किले जैसा बना देना।
ये टिप्पणियां दीपके के राजनीतिक आरोप हैं। सरकार की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
2. जयराम रमेश ने भी चीन नीति पर उठाए सवाल
दीपके से पहले कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी केंद्र सरकार की चीन नीति को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने सीमा पर तनाव और चीन के साथ आर्थिक संबंधों के संदर्भ में सरकार के रुख पर सवाल किया।
जयराम रमेश ने पूछा कि सीमा पर तनाव के बावजूद चीन के प्रति नरमी और आर्थिक मोर्चे पर बढ़ती निर्भरता को किस तरह के राष्ट्रवाद के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट जवाब चाहिए।
कांग्रेस का कहना है कि सीमा की स्थिति और चीन के साथ संबंधों को लेकर सरकार को अपनी नीति और फैसलों के बारे में स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए।
3. ITBP डीजी ने अरुणाचल प्रदेश की स्थिति पर क्या कहा?
आईटीबीपी के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के बयान के मुताबिक, जुलाई के अंत से अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले के असाफिला और माजा क्षेत्रों में तनाव बना हुआ है। उन्होंने बताया कि भारत ने सीमा पर अपनी तैनाती बढ़ाई है।
डीजी के बयान के अनुसार, मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए बल अपनी तैयारियों को आधुनिक बनाने पर ध्यान दे रहा है। इसमें जवानों, हथियारों, वाहनों और सीमा चौकियों के आधुनिकीकरण में निवेश शामिल है।
सीमा पर तनाव और तैनाती से जुड़ी इन बातों के बीच यह ध्यान रखना जरूरी है कि बयान में बताए गए घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि के लिए आधिकारिक और विश्वसनीय रिपोर्टों को देखना आवश्यक है।
4. ड्रोन और ड्रोन-रोधी प्रणालियों पर जोर
शत्रुजीत कपूर ने आधुनिक युद्ध में तकनीक की बढ़ती भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ड्रोन के आने से पारंपरिक सैन्य रणनीतियों और सुरक्षा बलों की भूमिका में बदलाव आया है।
उनके मुताबिक, बदलती परिस्थितियों के अनुरूप सुरक्षा बलों को बड़े पैमाने पर ड्रोन और ड्रोन-रोधी प्रणालियां अपनाने की जरूरत है। इसके साथ ही आधुनिक हथियारों, वाहनों और सीमा चौकियों को मजबूत करना भी महत्वपूर्ण है।
डीजी के बयान का प्रमुख संदेश सीमा पर तैनात बलों की क्षमता बढ़ाने और नई तकनीक के अनुरूप तैयारी करने पर केंद्रित रहा।
5. सीमा सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस तेज
ITBP डीजी के बयान के बाद चीन के साथ सीमा पर तनाव, सुरक्षा बलों की तैयारियों और सरकार की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अभिजीत दीपके ने देश के भीतर सुरक्षा बलों की तैनाती पर सवाल उठाए, जबकि जयराम रमेश ने चीन के साथ संबंधों और आर्थिक निर्भरता को लेकर सरकार से जवाब मांगा।
दूसरी ओर, डीजी के बयान में सीमा पर तैनाती बढ़ाने और आधुनिक तकनीक अपनाने की जरूरत पर जोर दिया गया है। फिलहाल इस मुद्दे पर विपक्ष के आरोपों और सुरक्षा बलों की तैयारियों से जुड़े बयानों के बीच सरकार का विस्तृत पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
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