
Report By: Kiran Prakash Singh
कांग्रेस ने ECI पर Gen-Z और पहली बार वोट देने वालों के पंजीकरण में बाधा डालने का आरोप लगाया। आयोग के युवा रजिस्ट्रेशन कैंप पर भी सवाल उठाए।
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ECI के यूथ रजिस्ट्रेशन कैंप पर कांग्रेस के सवाल, Gen-Z वोटरों को लेकर बढ़ी सियासी बहस
Digital Live News | 27 सितंबर 2026 | digitallivenews.com
चुनाव आयोग की ओर से युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं के पंजीकरण को लेकर लगाए जा रहे विशेष कैंपों के बीच कांग्रेस ने आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. रागिनी नायक बसोया ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि पिछले दो वर्षों में नए युवा मतदाताओं के पंजीकरण की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अब यूथ रजिस्ट्रेशन कैंप आयोजित कर इस देरी को दूर करने की कोशिश की जा रही है।
1. कांग्रेस ने यूथ रजिस्ट्रेशन कैंप पर उठाए सवाल
कांग्रेस ने पहली बार वोट डालने वाले युवाओं के लिए आयोजित किए जा रहे कैंपों को लेकर सवाल उठाया। पार्टी का कहना है कि यदि नए मतदाताओं के नाम समय पर मतदाता सूची में शामिल किए जाते, तो इस तरह के विशेष प्रयास की जरूरत नहीं पड़ती।
डॉ. रागिनी नायक ने आरोप लगाया कि Gen-Z युवाओं के मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया लंबे समय से प्रभावित रही है। हालांकि ये आरोप कांग्रेस की राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा हैं और चुनाव आयोग की ओर से इस पूरे मामले पर अलग पक्ष भी सामने आया है।
2. दिल्ली में 27 सितंबर को विशेष कैंप
दिल्ली में चुनाव अधिकारियों ने 27 सितंबर को सभी मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप आयोजित करने की जानकारी दी है। इन कैंपों में उन पात्र नागरिकों की मदद की जानी है, जिनका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है। ऐसे लोग Form 6 के जरिए मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इसके अलावा दिल्ली के कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में 29 और 30 सितंबर को युवा मतदाता पंजीकरण कैंप आयोजित किए जाने हैं। इनका फोकस खास तौर पर 18 से 25 वर्ष के युवा मतदाताओं के नामांकन पर रहेगा।
3. Form 6 में बदलाव को लेकर कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस ने Form 6 में किए गए बदलावों को भी अपने आरोपों का आधार बनाया है। पार्टी नेताओं का दावा है कि पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं से उनके माता-पिता या दादा-दादी के पिछले SIR रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी मांगी गई, जिससे पंजीकरण प्रक्रिया मुश्किल हो सकती है।
कांग्रेस नेताओं ने इसे लेकर Representation of the People Act, 1950 और Registration of Electors Rules, 1960 का हवाला दिया है। पार्टी का कहना है कि इस तरह के बदलावों की वैधानिक प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं। इन आरोपों के संबंध में चुनाव आयोग का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। रिपोर्टों में आयोग के अधिकारियों की ओर से मतदाता सूची को निर्धारित नियमों के तहत अपडेट करने की प्रक्रिया पर जोर दिया गया है।
4. Gyanesh Kumar पर कांग्रेस ने फिर साधा निशाना
कांग्रेस ने इस पूरे मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। रागिनी नायक ने उनके इस्तीफे की मांग दोहराई और आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने भी Form 6 से जुड़े बदलावों को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। कांग्रेस का कहना है कि पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के लिए पंजीकरण प्रक्रिया आसान और पारदर्शी होनी चाहिए।
5. SIR के बीच चुनावी प्रक्रिया पर बढ़ी बहस
यह पूरा विवाद Special Intensive Revision यानी SIR की प्रक्रिया के बीच सामने आया है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करना है। दिल्ली में चुनाव अधिकारियों ने नाम छूटने वाले पात्र लोगों के लिए अलग कैंप और युवा मतदाताओं के लिए शैक्षणिक संस्थानों में विशेष अभियान की जानकारी दी है।
वहीं कांग्रेस इन कदमों को लेकर सवाल उठा रही है और आरोप लगा रही है कि युवा मतदाताओं के पंजीकरण में पहले देरी हुई। दूसरी ओर, चुनावी अधिकारियों की ओर से कहा गया है कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत पात्र व्यक्ति मतदाता सूची में नाम जुड़वा सकते हैं और इसके लिए Form 6 समेत निर्धारित आवेदन प्रक्रिया उपलब्ध है।
ऐसे में SIR, Form 6 और पहली बार वोट करने वाले Gen-Z मतदाताओं के पंजीकरण को लेकर राजनीतिक बहस आगे भी जारी रहने की संभावना है। आने वाले दिनों में विशेष कैंपों के जरिए कितने नए मतदाता सूची में शामिल होते हैं, इस पर भी नजर रहेगी।
दिनांक: 27 सितंबर 2026
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