“भारत पहुंचे फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर, द्विपक्षीय साझेदारी को बताया मजबूत भविष्य की कुंजी”

Report By: Kiran Prakash Singh

नई दिल्ली, (digitallivenews)।
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर की भारत की पहली राजकीय यात्रा की शुरुआत मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत के साथ हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर वह पांच दिवसीय दौरे पर सोमवार को नई दिल्ली पहुंचे। उनके साथ प्रथम महिला मैडम लुईस अरनेटा मार्कोस भी भारत आई हैं।

भारत-फिलीपींस साझेदारी को बताया “उभरती शक्ति”

राष्ट्रपति मार्कोस ने इस अवसर पर कहा कि उनकी यह यात्रा भारत और फिलीपींस के बीच बढ़ती साझेदारी की पुष्टि है। उन्होंने जोर देकर कहा,
“यह यात्रा उस गठबंधन और साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर है, जो आज के बदलते हिंद-प्रशांत क्षेत्र में और भी अहम हो गया है।”

उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक राजनीति, व्यापार, नई तकनीकों और भू-राजनीतिक बदलावों के चलते दोनों देशों के पास साझा अवसरों का लाभ उठाने का समय है।

राजघाट पर दी महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि

स्वागत समारोह के बाद राष्ट्रपति मार्कोस ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह उनके दौरे का भावनात्मक और सांस्कृतिक पहलू था, जिससे भारत और फिलीपींस के बीच ऐतिहासिक और नैतिक मूल्यों की साझा विरासत भी रेखांकित होती है।

गर्मजोशी से हुआ स्वागत

सोमवार को एयरपोर्ट पर केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने उनका स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने “एक्स” (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाई देगी।

राष्ट्रपति भवन में द्रौपदी मुर्मू और पीएम मोदी ने गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उनका राजकीय स्वागत किया।

द्विपक्षीय वार्ताएं और भविष्य की योजनाएं

सोमवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राष्ट्रपति मार्कोस से मुलाकात की थी। उन्होंने आशा जताई कि मंगलवार को होने वाली प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भारत-फिलीपींस संबंधों को और मजबूत करेगी।

मंगलवार को राष्ट्रपति मार्कोस, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री मोदी और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

आगे का कार्यक्रम

बुधवार को राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति मार्कोस के कई कार्यक्रम निर्धारित हैं, जबकि गुरुवार को वे बेंगलुरु का दौरा करेंगे, जिसके बाद वे फिलीपींस रवाना होंगे।


यह यात्रा क्यों महत्वपूर्ण है?

  • हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत और फिलीपींस की भागीदारी का विस्तार।

  • सुरक्षा, व्यापार और टेक्नोलॉजी में सहयोग के नए अवसर।

  • द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में बदलने की दिशा में एक कदम।

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