
Report By: Kiran Prakash Singh
भारत में हुए BRICS शिखर सम्मेलन की सफलता पर रविशंकर प्रसाद, मायावती और सलमान खुर्शीद ने भारत की भूमिका और PM मोदी के नेतृत्व की सराहना की।
———————————————————————————————————————————————————————————-
BRICS सम्मेलन की सफलता पर PM मोदी की तारीफ
भारत में आयोजित दो दिवसीय BRICS शिखर सम्मेलन का आज आखिरी दिन है। सम्मेलन में दुनिया के कई प्रमुख देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रतिनिधि शामिल हुए। भारत की अध्यक्षता में हुए इस सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में आर्थिक सहयोग, व्यापार, आपसी हित और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। सम्मेलन के अंत में दिल्ली घोषणापत्र भी जारी किया गया।
BRICS सम्मेलन की सफलता को लेकर सरकार के साथ-साथ विपक्षी नेताओं की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। वहीं कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने भी भारत की BRICS अध्यक्षता को लेकर अपनी राय रखी। बसपा प्रमुख मायावती ने दिल्ली घोषणापत्र को कूटनीतिक उपलब्धि बताया।
1. BRICS में भारत बना ‘ब्राइट स्पॉट’
बीजेपी सांसद और वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने BRICS सम्मेलन को लेकर कांग्रेस नेताओं के सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के समय BRICS में भारत की स्थिति कमजोर हुई थी, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज इस समूह में एक चमकता सितारा बनकर उभरा है।
रविशंकर प्रसाद ने IMF की रिपोर्ट का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को रेखांकित किया है। उनके मुताबिक सर्विस सेक्टर, मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेड समेत कई क्षेत्रों में भारत की प्रगति हुई है।
2. सलमान खुर्शीद ने रखी अपनी राय
कांग्रेस नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने भी BRICS में भारत की भूमिका को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी अध्यक्षता के दौरान ऐसी व्यवस्था बनाने की दिशा में काम करना चाहिए, जिसमें अलग-अलग देश साझा मुद्दों पर एक साथ आ सकें।
खुर्शीद ने आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन जैसे वैश्विक विषयों पर सहमति बनाने की जरूरत पर जोर दिया। उनके बयान को BRICS के मंच के जरिए विभिन्न देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
3. मायावती ने दिल्ली घोषणापत्र को बताया उपलब्धि
बसपा अध्यक्ष मायावती ने दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान जारी किए गए ‘दिल्ली घोषणापत्र’ की तारीफ की। उन्होंने इसे सूझबूझ भरी कूटनीतिक उपलब्धि बताया।
मायावती के मुताबिक मौजूदा समय में BRICS देशों के सामने कई गंभीर चुनौतियां हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध, ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से बढ़ा तनाव और टैरिफ जैसी आर्थिक चुनौतियों के बीच घोषणापत्र का सर्वसम्मति से जारी होना महत्वपूर्ण है।
4. अलग-अलग देशों से रिश्ते मजबूत करने पर जोर
BRICS सम्मेलन के दौरान भारत ने अलग-अलग देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।
इन बैठकों में व्यापार, अर्थव्यवस्था, तकनीक, सहयोग और आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत की कोशिश BRICS के मंच के साथ-साथ द्विपक्षीय संबंधों को भी आगे बढ़ाने की रही।
5. वैश्विक मुद्दों पर बनी सहमति की कोशिश
BRICS के इस सम्मेलन में आर्थिक सहयोग के साथ-साथ कई वैश्विक चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय तनाव जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
सम्मेलन के अंत में जारी दिल्ली घोषणापत्र को भारत की अध्यक्षता के दौरान हुई महत्वपूर्ण गतिविधियों में गिना जा रहा है। सरकार और विपक्ष के अलग-अलग नेताओं की प्रतिक्रियाओं से यह भी साफ है कि BRICS में भारत की भूमिका को लेकर व्यापक स्तर पर चर्चा हो रही है।
दिनांक: 13 सितंबर 2026
डिजिटल लाइव न्यूज | digitallivenews.com