
Report By: Kiran Prakash Singh
तमिलनाडु सरकार ने आविन के लिए दूध खरीद मूल्य 3 रुपये बढ़ाकर 44 रुपये प्रति लीटर कर दिया। साथ ही बिजली और पावर प्लांट में बड़े निवेश का ऐलान हुआ।
Digital Live News | 31 अगस्त 2026 | digitallivenews.com
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तमिलनाडु में दूध 3 रुपये महंगा, किसानों के लिए बढ़ा खरीद मूल्य
तमिलनाडु सरकार ने डेयरी किसानों को राहत देने के लिए आविन दूध की खरीद कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को इसकी घोषणा की। नई व्यवस्था के बाद किसानों से आविन द्वारा दूध की खरीद 41 रुपये के बजाय 44 रुपये प्रति लीटर की दर से की जाएगी। सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और राज्य के डेयरी क्षेत्र को मजबूत करना है।
दूध खरीद कीमत में दूसरी बार बढ़ोतरी
तमिलनाडु सरकार की ओर से दूध की खरीद कीमत में यह लगातार दूसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले 19 अगस्त को विधानसभा में दूध की खरीद कीमत 38 रुपये से बढ़ाकर 41 रुपये प्रति लीटर करने की घोषणा की गई थी। अब इसमें फिर 3 रुपये की वृद्धि कर दी गई है।
सरकार के इस फैसले से राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में दूध उत्पादन से जुड़े किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। बढ़ती उत्पादन लागत के बीच खरीद मूल्य में इजाफा किसानों को बेहतर रिटर्न देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आविन से जुड़े किसानों को मिलेगा फायदा
आविन तमिलनाडु का प्रमुख सहकारी डेयरी ब्रांड है। इसके जरिए राज्य में बड़ी संख्या में किसानों से दूध की खरीद की जाती है। खरीद मूल्य बढ़ने से किसानों को अपने दूध के लिए पहले की तुलना में अधिक भुगतान मिलेगा।
सरकार का मानना है कि बेहतर खरीद मूल्य से डेयरी कारोबार को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे किसानों को पशुपालन और दूध उत्पादन को जारी रखने में मदद मिल सकती है। साथ ही राज्य में डेयरी क्षेत्र को अधिक मजबूत बनाने की उम्मीद है।
बिजली नेटवर्क पर 33,066 करोड़ रुपये का निवेश
मुख्यमंत्री ने केवल डेयरी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि राज्य के बिजली ढांचे को मजबूत करने के लिए भी बड़े निवेश की घोषणा की। तमिलनाडु ट्रांसमिशन इम्प्रूवमेंट स्कीम के तहत 196 नए सबस्टेशन बनाए जाएंगे।
इसके अलावा करीब 15,000 किलोमीटर नई बिजली ट्रांसमिशन लाइनें बिछाने की योजना है। इस पूरी परियोजना पर करीब 33,066 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान किया गया है।
सरकार का लक्ष्य बढ़ती औद्योगिक और घरेलू बिजली मांग को देखते हुए ट्रांसमिशन नेटवर्क की क्षमता बढ़ाना है। नए सबस्टेशन और बिजली लाइनों के विस्तार से राज्य के बिजली ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
तूतीकोरिन में बनेगा 1,600 MW का पावर प्लांट
तमिलनाडु सरकार ने तूतीकोरिन में 1,600 मेगावाट क्षमता का सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर स्टेशन स्थापित करने की योजना भी सामने रखी है। यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी PPP मॉडल के तहत विकसित की जाएगी।
इस पावर प्रोजेक्ट में करीब 20,800 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। सरकार के मुताबिक, इससे राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी और भविष्य में बढ़ने वाली ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की दिशा में आधार तैयार होगा।
बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन दोनों क्षेत्रों में बड़े निवेश से राज्य के औद्योगिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सेमीकंडक्टर और लॉजिस्टिक्स पर भी फोकस
तमिलनाडु सरकार ने बिजली क्षेत्र के साथ-साथ सेमीकंडक्टर और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर भी जोर दिया है। राज्य पहले से ही मैन्युफैक्चरिंग और औद्योगिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र है।
सरकार का लक्ष्य टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार करना है। सेमीकंडक्टर उद्योग के विस्तार से आधुनिक तकनीक और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जबकि लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के विकास से उद्योगों के लिए सामान की आवाजाही आसान हो सकती है।
इस तरह दूध खरीद मूल्य में बढ़ोतरी के जरिए डेयरी किसानों को राहत देने के साथ-साथ बिजली, ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में निवेश के जरिए तमिलनाडु सरकार ने अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया है। आने वाले समय में इन योजनाओं का असर किसानों की आय, बिजली उपलब्धता, औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों पर देखने को मिल सकता है।