“SCO समिट 2025 में मोदी, पुतिन और शी की ऐतिहासिक मुलाकात”

Report By: Kiran Prakash Singh

SCO समिट में मोदी-पुतिन-शी की मुलाकात, रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा ‘वीडियो ऑफ द डे’

📍 नई दिल्ली | 01 सितंबर 2025
✍️ Digital Live News Desk


मुख्य बिंदु (Highlights):

  • रूसी विदेश मंत्रालय ने साझा किया मोदी-पुतिन-शी की मुलाकात का वीडियो

  • इसे बताया गया “वीडियो ऑफ द डे”

  • तियानजिन (चीन) में हो रहा है SCO शिखर सम्मेलन

  • आतंकवाद पर एकजुट दिखे सदस्य देश, पहलगाम हमले की निंदा

  • पीएम मोदी ने भारतीय दृष्टिकोण को स्पष्ट रूप से रखा


तीनों महाशक्तियों के नेताओं की मुलाकात बनी चर्चा का केंद्र

चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई मुलाकात ने वैश्विक स्तर पर ध्यान खींचा।

रूसी विदेश मंत्रालय ने इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा करते हुए लिखा:

“SCO समिट की शुरुआत से ठीक पहले तीनों नेता एक साथ – वीडियो ऑफ द डे।”


PM मोदी ने साझा की SCO की यादगार तस्वीर

इससे पहले पीएम मोदी ने SCO समिट के फोटो सेशन में भाग लिया। उन्होंने इसे “एक अहम कूटनीतिक क्षण” बताते हुए फोटो एक्स (X) पर शेयर की।

इस तस्वीर में:

  • शी जिनपिंग

  • व्लादिमीर पुतिन

  • अन्य सदस्य देशों के प्रमुख नेता

  • SCO के प्रतिनिधि मंडल

भी मौजूद रहे।


तीनों नेताओं के बीच हुई सक्रिय बातचीत

समिट के दौरान मोदी, शी और पुतिन को बातचीत करते हुए देखा गया, जिसे “सक्रिय कूटनीति की वापसी” के रूप में देखा जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह क्षण तीनों देशों के बीच तनावों के बीच एक सकारात्मक संकेत है, खासकर भारत-चीन के संबंधों को देखते हुए।


आतंकवाद पर सख्त रुख: पहलगाम हमले की निंदा

SCO समिट में सभी सदस्य देशों ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की।

उन्होंने:

  • मृतकों और घायलों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की

  • कहा कि दोषियों, आयोजकों और प्रायोजकों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए


PM मोदी का कड़ा संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने संबोधन में कहा:

“भारत पिछले चार दशकों से आतंकवाद का दंश झेल रहा है। पहलगाम में हालिया हमला इसकी सबसे घिनौनी मिसाल है।”

“मैं उन मित्र देशों का आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने इस मुश्किल समय में भारत के साथ एकजुटता दिखाई।”


कूटनीतिक दृष्टि से क्यों अहम है यह मुलाकात?

  • तीनों देशों के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बावजूद यह मुलाकात राजनयिक संतुलन का प्रतीक है।

  • भारत की ‘स्टेबल, स्ट्रॉन्ग एंड सॉवरेन’ नीति को वैश्विक स्तर पर समर्थन मिला।

  • SCO जैसे बहुपक्षीय मंच पर इस प्रकार की व्यक्तिगत बातचीत को पारदर्शिता और सहयोग की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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