
Report By: Kiran Prakash Singh
30 जून 2026: E20 पेट्रोल को लेकर वायरल पोस्टर फर्जी निकला। PIB ने साफ किया कि इथेनॉल ब्लेंडिंग सुरक्षित है और इंजन खराब होने का दावा गलत है।
Published Date: 30 जून 2026
Website: digitallivenews.com
E20 पेट्रोल डलवाया तो अब आप खुद जिम्मेदार हैं? वायरल पोस्टर पर सरकार का बड़ा फैक्ट चेक
E20 पेट्रोल और इथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्टर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि पेट्रोल पंप पर इस्तेमाल होने वाले फ्यूल से वाहन खराब हो रहे हैं और सरकार ने अपनी जिम्मेदारी से हाथ खड़े कर दिए हैं। हालांकि इस पूरे मामले पर सरकार की ओर से स्पष्ट जवाब सामने आ गया है और इस दावे को पूरी तरह गलत बताया गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्टर
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक पोस्टर वायरल हो रहा है, जिसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की तस्वीर लगी हुई है। पोस्टर में दावा किया गया है कि पेट्रोल पंपों पर 15 से 20 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल दिया जा रहा है, जिससे वाहनों के फ्यूल टैंक में पानी और नमी जैसी समस्याएं पैदा हो रही हैं। इस पोस्टर ने लोगों के बीच भ्रम और चिंता पैदा कर दी है।
पोस्टर में किए गए बड़े दावे
वायरल पोस्टर में यह भी लिखा गया है कि इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल से गाड़ियों में जर्किंग और तकनीकी खराबी की समस्या आ रही है। साथ ही यह दावा किया गया है कि टंकी की सफाई और वाहन की देखभाल की जिम्मेदारी अब उपभोक्ता की होगी। इसी तरह के दावों ने सोशल मीडिया पर बहस को और तेज कर दिया।
X (ट्विटर) पर भी फैला भ्रम
इसी पोस्टर के साथ एक X (ट्विटर) यूजर का पोस्ट भी वायरल हुआ, जिसमें कहा गया कि सरकार ने E20 पेट्रोल के इस्तेमाल को लेकर चेतावनी लगा दी है और अब उपभोक्ता खुद जिम्मेदार होंगे। इस पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि सरकार जनता पर जबरदस्ती यह फ्यूल थोप रही है, जिससे गाड़ियों को नुकसान हो रहा है।
PIB ने किया फैक्ट चेक, बताया फर्जी खबर
सरकारी फैक्ट चेक एजेंसी प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो ने इस पूरे दावे को गलत बताया है। PIB ने स्पष्ट किया कि पेट्रोल पंपों पर ऐसा कोई पोस्टर नहीं लगाया गया है और यह वायरल संदेश फर्जी है। एजेंसी के अनुसार इथेनॉल और पेट्रोल पूरी तरह घुलनशील होते हैं और निर्धारित मानकों के अनुसार किसी भी तरह की अलगाव या परत नहीं बनती।
E20 पेट्रोल पूरी तरह सुरक्षित बताया गया
सरकारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि आधुनिक वाहनों को E20 फ्यूल के अनुसार डिजाइन किया गया है और इनमें पानी या नमी से बचाव के लिए जरूरी तकनीकी सुरक्षा मौजूद होती है। इसके अलावा अब तक E20 पेट्रोल के कारण इंजन फेल होने या बड़े स्तर पर वाहन खराब होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।
इस मामले के बाद साफ हो गया है कि वायरल हो रही जानकारी भ्रामक है और लोगों को सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के किसी भी दावे पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
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