राहुल की FIR मांग पर CM धामी का पलटवार, बोले- BJP शामिल नहीं

Report By: Kiran Prakash Singh

हल्द्वानी में कथित शुद्धिकरण को लेकर राहुल गांधी ने FIR की मांग की। CM धामी ने BJP की भूमिका से इनकार करते हुए कांग्रेस पर राजनीति का आरोप लगाया।

दिनांक: 30 अगस्त 2026 | digitallivenews.com

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राहुल की FIR मांग पर CM धामी का पलटवार, बोले- BJP शामिल नहीं

उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रूप से बड़ा मुद्दा बन गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले को दलित सम्मान और सामाजिक भेदभाव से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की है। वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम में बीजेपी कार्यकर्ता शामिल नहीं थे।

राहुल गांधी ने FIR की मांग उठाई

राहुल गांधी ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हल्द्वानी की घटना पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण कानून के तहत कार्रवाई की जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हो।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम के बाद वहां कथित तौर पर शुद्धिकरण किया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना को केवल स्थानीय विवाद के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

कांग्रेस नेता ने इसे छुआछूत की मानसिकता से जोड़ते हुए बीजेपी और आरएसएस पर भी निशाना साधा। उन्होंने उत्तराखंड बीजेपी अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि घटना को सही ठहराने की कोशिश की गई।

CM धामी ने बीजेपी की भूमिका से किया इनकार

राहुल गांधी के आरोपों के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर पलटवार किया। धामी ने स्पष्ट किया कि हल्द्वानी में हुए कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम में कोई बीजेपी कार्यकर्ता शामिल नहीं था।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस से सवाल किया कि उत्तराखंड में कितने लोग मल्लिकार्जुन खरगे की जाति के बारे में जानते हैं और फिर इस घटना को जातीय भेदभाव से किस आधार पर जोड़ा जा रहा है।

धामी ने दावा किया कि कांग्रेस के कार्यक्रम में धार्मिक नारे लगाए गए थे और इसके विरोध में कुछ धार्मिक संगठनों की ओर से शुद्धिकरण कार्यक्रम किया गया। उनके मुताबिक, इस घटना को जाति से जोड़कर राजनीतिक विवाद खड़ा किया जा रहा है।

कांग्रेस ने उठाया शुद्धिकरण पर सवाल

कांग्रेस का कहना है कि किसी सार्वजनिक कार्यक्रम के बाद इस तरह के ‘शुद्धिकरण’ की जरूरत क्यों पड़ी, यह अपने आप में गंभीर सवाल है। पार्टी का तर्क है कि कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे मौजूद थे और ऐसे में घटना को सामाजिक भेदभाव के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

राहुल गांधी ने इसी आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि घटना सामाजिक भेदभाव और छुआछूत की मानसिकता को दर्शाती है।

दूसरी ओर, बीजेपी और मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस के इस आरोप को खारिज किया है। बीजेपी का कहना है कि कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम को खरगे की जाति से जोड़ना उचित नहीं है और कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रही है।

जाति और धर्म के मुद्दे पर बढ़ी सियासी तकरार

हल्द्वानी की घटना ने उत्तराखंड की राजनीति में जाति, सामाजिक सम्मान और धार्मिक भावनाओं से जुड़े सवालों को एक साथ सामने ला दिया है। कांग्रेस इस मामले को सामाजिक न्याय और दलित सम्मान के मुद्दे के रूप में उठा रही है, जबकि बीजेपी इसे राजनीतिक विवाद करार दे रही है।

राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री से सीधे FIR और कानूनी कार्रवाई की मांग किए जाने के बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है। वहीं मुख्यमंत्री धामी का बयान बीजेपी की ओर से कांग्रेस के आरोपों के स्पष्ट विरोध के रूप में सामने आया है।

स्थानीय विवाद से राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंचा मामला

हल्द्वानी में शुरू हुआ यह विवाद अब उत्तराखंड की स्थानीय राजनीति से आगे बढ़कर राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन गया है। कांग्रेस का कहना है कि सामाजिक भेदभाव से जुड़े मामलों में कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं बीजेपी का तर्क है कि घटना को गलत तरीके से जातीय मुद्दा बनाया जा रहा है।

फिलहाल दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। कांग्रेस जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR और कानूनी कार्रवाई की मांग कर रही है, जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीजेपी कार्यकर्ताओं की किसी भूमिका से इनकार किया है।

अब निगाहें इस बात पर हैं कि मामले में कोई औपचारिक कानूनी जांच या FIR दर्ज होती है या नहीं। जांच या आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही कथित घटना की परिस्थितियों और जिम्मेदारी को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

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