
Report By: Kiran Prakash Singh
सीएम सम्राट चौधरी के ‘बेचारा’ बयान पर प्रशांत किशोर ने पलटवार किया है। सहरसा में उन्होंने बिहार की सरकार और मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला।
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‘बेचारा’ बयान पर प्रशांत किशोर का पलटवार, बिहार की सियासत गरम
बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जन सुराज पार्टी के संस्थापक व बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर के बीच जुबानी जंग तेज होती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री की ओर से प्रशांत किशोर के लिए ‘बेचारा’ शब्द इस्तेमाल किए जाने के बाद अब पीके ने पलटवार किया है।
गुरुवार, 10 सितंबर को सहरसा में प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपने बयान में मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और कहा कि बिहार के शासन की जिम्मेदारी किसी एक व्यक्ति को नहीं सौंपी जा सकती। उनका यह बयान सामने आने के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है।
1. सम्राट चौधरी के बयान पर पीके का जवाब
प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्हें ‘बेचारा’ कहा गया था। पीके ने कहा कि मुख्यमंत्री का उन्हें ‘बेचारा’ कहना एक अर्थ में सही है।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि उनके सामने बिहार को बेहतर बनाने के लिए संघर्ष करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। इसी संदर्भ में उन्होंने ‘बेचारा’ शब्द का अर्थ बताते हुए मुख्यमंत्री पर राजनीतिक हमला किया।
प्रशांत किशोर के इस बयान को मुख्यमंत्री के पुराने बयान का सीधा जवाब माना जा रहा है।
2. ‘बेचारा वह जिसके पास कोई चारा नहीं’
प्रशांत किशोर ने कहा कि वह इसलिए ‘बेचारे’ हैं क्योंकि उनके पास बिहार को छोड़कर जाने का विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार को सुधारने के संकल्प के अलावा उनके पास कोई और रास्ता नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि वह बिहार को ऐसी स्थिति में छोड़कर नहीं जा सकते, जिसे लेकर वह असहमत हैं। पीके ने इसी बात को अपने राजनीतिक संघर्ष से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री के बयान पर कटाक्ष किया।
उनका कहना था कि अगर बिहार के लिए काम करने और राज्य को सुधारने की कोशिश को ‘बेचारा’ कहा जाता है तो इस अर्थ में मुख्यमंत्री की बात सही है।
3. पीके ने मुख्यमंत्री पर लगाए गंभीर आरोप
सहरसा में प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ कड़ा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री के लिए बेहद तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उनकी योग्यता और शासन क्षमता पर सवाल उठाए।
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार जैसे बड़े राज्य की जिम्मेदारी संभालने के लिए सरकार और नेतृत्व को लेकर गंभीर सवालों पर विचार होना चाहिए। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए आरोप और टिप्पणियां राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।
इस बयान के बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
4. सम्राट चौधरी ने क्यों कहा था ‘बेचारा’
दरअसल, मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही प्रशांत किशोर कई मुद्दों पर सम्राट चौधरी और बिहार सरकार पर निशाना साधते रहे हैं। इसी को लेकर एक पॉडकास्ट में मुख्यमंत्री से प्रशांत किशोर के बयानों के बारे में सवाल पूछा गया था।
जवाब में सम्राट चौधरी ने कहा था कि प्रशांत किशोर से उनकी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है और न ही उनका स्वभाव लड़ाई करने का है। उन्होंने कहा था कि वह बिहार के लिए काम करने आए हैं और किसी को जो कहना है, वह कह सकता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि वह अपनी जिम्मेदारी पर ध्यान देते रहेंगे और अपना काम करते रहेंगे। इसी बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर के लिए ‘बेचारा’ शब्द का इस्तेमाल किया गया था।
5. बयानबाजी से बढ़ी बिहार की राजनीतिक गर्मी
अब प्रशांत किशोर के पलटवार के बाद बिहार की राजनीति में जुबानी जंग और तेज हो गई है। एक तरफ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सरकार के कामकाज पर जोर देने की बात कर रहे हैं, वहीं प्रशांत किशोर लगातार राज्य की राजनीति और शासन व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर जन सुराज के जरिए बिहार की राजनीति में अपनी अलग जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के साथ उनकी बयानबाजी आने वाले दिनों में राजनीतिक चर्चा का बड़ा मुद्दा बन सकती है।
फिलहाल दोनों नेताओं के बयानों के बीच ‘बेचारा’ शब्द राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। प्रशांत किशोर ने इसे अपने राजनीतिक संघर्ष से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री पर हमला किया है, जबकि सम्राट चौधरी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वह व्यक्तिगत विवाद में नहीं पड़ना चाहते और बिहार के लिए काम करने पर ध्यान देंगे।
दिनांक: 11 सितंबर 2026
digitallivenews.com