
Report By: Kiran PRakaSh Singh
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाया। 18 जुलाई 2026।
📅 दिनांक: 18 जुलाई 2026
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सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने पर सियासत तेज, खरगे ने सरकार पर साधा निशाना
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को उनके अनिश्चितकालीन अनशन के 21वें दिन तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि सरकार ने अपनी आवाज उठाने वालों को कभी नहीं बख्शा। उन्होंने इसे लोकतंत्र और संविधान पर एक और काला धब्बा बताया।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह कदम दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश और डॉक्टरों की सलाह के अनुसार उठाया गया। वहीं कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया है।
खरगे बोले- सरकार ने किसी को नहीं बख्शा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि सरकार ने पहले भी कई आंदोलनों में शामिल लोगों के साथ सख्त रवैया अपनाया है। उन्होंने प्रो. जी. डी. अग्रवाल, किसान आंदोलन, ओलंपिक पहलवानों, दलितों, आदिवासियों और पेपर लीक से प्रभावित छात्रों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सरकार विरोध की हर आवाज को दबाने की कोशिश करती रही है।
लोकतंत्र और संविधान पर उठाए सवाल
खरगे ने कहा कि सरकार की नजर में जो भी नागरिक अपनी बात मजबूती से रखता है, उसे ‘एंटी-नेशनल’ या ‘परजीवी’ कहकर बदनाम किया जाता है। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुई कार्रवाई को लोकतंत्र और संविधान की भावना के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह देश के लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
छात्रों के आंदोलन का भी किया उल्लेख
अपने बयान में कांग्रेस अध्यक्ष ने कोटा और देहरादून से शुरू हुए छात्रों के आंदोलनों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि “छात्रों की गूंज” अब दिल्ली तक पहुंच चुकी है और युवाओं की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। खरगे ने संकेत दिया कि आने वाले समय में छात्र आंदोलन और तेज हो सकता है।
पुलिस ने कार्रवाई को बताया नियमों के अनुरूप
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए डॉक्टरों की सलाह और दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। पुलिस का कहना है कि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और किसी भी प्रदर्शनकारी के साथ बल प्रयोग नहीं किया गया।
समर्थकों ने सरकार से बातचीत की अपील की
सोनम वांगचुक के समर्थकों का कहना है कि सरकार को टकराव की बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि वांगचुक की प्रमुख मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए और जल्द बातचीत शुरू की जाए। समर्थकों का मानना है कि बातचीत से ही इस पूरे विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकल सकता है।
निष्कर्ष
सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद यह मामला अब केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। एक ओर दिल्ली पुलिस इसे अदालत और मेडिकल सलाह के अनुरूप उठाया गया कदम बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर चोट करार दे रही है। आने वाले दिनों में सरकार, विपक्ष और वांगचुक के समर्थकों के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
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📅 Date: 18 जुलाई 2026