
Report By: Kiran Prakash Singh
गोंडा में नौकरी दिलाने के नाम पर 10.25 लाख रुपये की ठगी का आरोप है। मुकदमा दर्ज होने के बाद भी दोनों आरोपी फरार हैं, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी का मामला
उत्तर प्रदेश के गोंडा में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पटेल नगर निवासी रियाज अहमद सिद्दीकी ने दो लोगों पर अपने परिवार के सदस्यों को सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर कुल 10 लाख 25 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया है। पीड़ित की शिकायत के आधार पर कोतवाली नगर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
मामले में आरोपियों की पहचान करण वर्मा और अनूप कुमार पांडेय के रूप में बताई गई है। पीड़ित का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद अभी तक दोनों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग और जल निगम में नौकरी का दिया झांसा
रियाज अहमद सिद्दीकी के मुताबिक, आरोपियों ने उसके भाइयों को स्वास्थ्य विभाग और जल निगम में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। इसके साथ ही उसकी बहन को शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने की बात कही गई।
पीड़ित का आरोप है कि नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाकर आरोपियों ने अलग-अलग तारीखों में उससे रकम ली। धीरे-धीरे यह राशि बढ़कर 10 लाख 25 हजार रुपये तक पहुंच गई।
पीड़ित को उम्मीद थी कि रकम देने के बाद उसके परिवार के सदस्यों की नौकरी लग जाएगी। लेकिन बाद में उसे कथित तौर पर दिए गए नौकरी संबंधी दस्तावेजों की वास्तविकता पर संदेह हुआ।
नौकरी के दस्तावेज फर्जी निकलने का आरोप
रियाज अहमद सिद्दीकी का आरोप है कि नौकरी से संबंधित जो दस्तावेज उपलब्ध कराए गए थे, वे जांच में फर्जी निकले। इसके बाद उसने आरोपियों से अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की।
पीड़ित के अनुसार, रकम वापस मांगने पर उसे कथित तौर पर धमकी दी गई। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
पीड़ित का कहना है कि उसने अपनी मेहनत की कमाई नौकरी की उम्मीद में दी थी, लेकिन नौकरी मिलने के बजाय उसके साथ आर्थिक धोखाधड़ी हो गई।
4.02 लाख रुपये लौटाए, बाकी रकम बकाया
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों की ओर से कथित तौर पर 4 लाख 2 हजार 500 रुपये वापस किए गए हैं। इसके बावजूद पीड़ित के अनुसार 6 लाख 22 हजार 500 रुपये की रकम अभी भी वापस नहीं की गई है।
पीड़ित का कहना है कि उसने कई बार शेष रकम लौटाने की मांग की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
रकम के लेन-देन और नौकरी से जुड़े दस्तावेजों की जांच अब मामले में महत्वपूर्ण हो सकती है।
पुलिस से साठगांठ का भी लगाया आरोप
पीड़ित ने आरोप लगाया है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। उसने पुलिस से साठगांठ होने का भी आरोप लगाया है।
हालांकि, यह आरोप फिलहाल पीड़ित की शिकायत और बयान तक सीमित हैं। इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मामले में पुलिस आरोपियों की तलाश और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर सकती है। साथ ही रकम के लेन-देन, कथित दस्तावेजों और शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों की भी जांच की जा रही है।
मुकदमा दर्ज, गिरफ्तारी का इंतजार
कोतवाली नगर पुलिस ने करण वर्मा और अनूप कुमार पांडेय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पीड़ित अब आरोपियों की गिरफ्तारी और अपनी शेष रकम वापस मिलने का इंतजार कर रहा है।
नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के ऐसे मामलों में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपों से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच करना होती है। इस मामले में भी जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपियों ने किस तरह रकम ली और कथित दस्तावेजों का इस्तेमाल कैसे किया गया।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर कार्रवाई की जा रही है।
दिनांक: 10 सितंबर 2026
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