
Report By: Kiran Prakash Singh
ममता कुलकर्णी ने मुंबई के दही हांडी कार्यक्रम में अपने गाने पर डांस करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा- ‘वो ममता कुलकर्णी कब की मर चुकी है।’
ममता कुलकर्णी ने अपने पुराने गाने पर डांस से किया इनकार
बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री ममता कुलकर्णी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। 1990 के दशक में अपनी फिल्मों और अभिनय से पहचान बनाने वाली अभिनेत्री अब लंबे समय से फिल्मी दुनिया से दूरी बनाए हुए हैं। भारत लौटने के बाद उनका झुकाव आध्यात्म और भक्ति की ओर दिखाई दिया है। इसी बीच मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
दरअसल, जन्माष्टमी के मौके पर मुंबई में दही हांडी कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा समेत कई कलाकार पहुंचे थे। कार्यक्रम में ममता कुलकर्णी भी मौजूद थीं। मंच पर उनसे उनकी फिल्म करण अर्जुन के चर्चित गाने ‘राणा जी माफ करना’ पर डांस करने के लिए कहा गया।
हालांकि, ममता कुलकर्णी ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया और अपने पुराने फिल्मी दौर को लेकर एक बयान दिया।
‘वो ममता कुलकर्णी तो कब की मर चुकी है’
मंच पर ममता कुलकर्णी ने मराठी में बताया कि उनसे उनके पुराने गाने ‘राणा जी माफ करना’ पर प्रस्तुति देने के लिए कहा जा रहा था। इसके बाद उन्होंने कहा कि ‘वो ममता कुलकर्णी तो कब की मर चुकी है।’
उनका यह बयान सामने आने के बाद वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। इस बयान को लोग उनके मौजूदा आध्यात्मिक जीवन और फिल्मी दुनिया से दूरी से जोड़कर देख रहे हैं।
ममता के इस अंदाज को देखकर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उनकी तारीफ भी की। वहीं, उनका बयान यह संकेत देता है कि वह अपने पुराने फिल्मी दौर से खुद को काफी अलग मानती हैं।
25 साल बाद भारत लौटी थीं अभिनेत्री
ममता कुलकर्णी करीब 25 साल तक भारत से बाहर रही थीं। उनके विदेश में रहने के दौरान उनके खिलाफ 2016 में ड्रग्स से संबंधित एक मामला भी दर्ज हुआ था। बाद में इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने उन्हें राहत दी और मामला खत्म कर दिया गया।
इसके बाद वह वर्ष 2024 में भारत वापस लौटीं। भारत लौटने के बाद उनकी सार्वजनिक छवि में बड़ा बदलाव देखने को मिला। उन्होंने अपने आध्यात्मिक सफर को लेकर भी सोशल मीडिया पर भावनात्मक बातें साझा की थीं।
साल 2000 से आध्यात्म की ओर बढ़ने का दावा
ममता कुलकर्णी ने पहले अपने आध्यात्मिक सफर को लेकर बताया था कि उन्होंने साल 2000 के आसपास तपस्या की शुरुआत की थी। इसके बाद धीरे-धीरे उन्होंने फिल्म और ग्लैमर की दुनिया से दूरी बना ली।
अभिनेत्री के मुताबिक, उन्होंने कई वर्षों तक आध्यात्मिक जीवन में समय बिताया। यही वजह है कि अब उनके पुराने फिल्मी गीतों और ग्लैमरस दौर की तुलना उनके वर्तमान जीवन से की जाती है।
प्रयागराज में लिया था संन्यास
ममता कुलकर्णी ने वर्ष 2025 में प्रयागराज पहुंचकर संन्यास लेने की बात कही थी। संगम के किनारे उन्होंने धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया और सांसारिक जीवन का त्याग करने की घोषणा की।
इसके बाद उन्होंने अपना नाम ‘माई ममता नंद गिरी’ अपनाया। उन्हें किन्नर अखाड़े से भी जोड़ा गया और महामंडलेश्वर बनाए जाने की जानकारी सामने आई थी।
उनके इस बदलाव ने उस समय भी काफी सुर्खियां बटोरी थीं। एक समय फिल्मों में अपनी पहचान बनाने वाली ममता का आध्यात्म की ओर जाना उनके प्रशंसकों के लिए काफी अलग अनुभव रहा।
वायरल वीडियो के बाद फिर चर्चा में ममता
अब मुंबई के दही हांडी कार्यक्रम से सामने आए वीडियो ने ममता कुलकर्णी को फिर चर्चा में ला दिया है। अपने ही पुराने गाने पर डांस से इनकार करने और ‘पुरानी ममता’ को लेकर दिए बयान ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा है।
ममता कुलकर्णी का फिल्मी करियर भले ही लंबे समय से सक्रिय नहीं है, लेकिन उनके जीवन में आए बदलाव और आध्यात्मिक सफर के कारण वह लगातार चर्चा में रहती हैं। इस बार भी उनका बयान उनके पुराने फिल्मी दौर और वर्तमान जीवन के बीच अंतर को सामने लाता नजर आया।
दिनांक: 10 सितंबर 2026
digitallivenews.com