लखनऊ हड़कंप: बेटे ने पिता को मारा, शरीर को काटकर नीली ड्रम में छुपाया

Report By: Kiran Prakash Singh

लखनऊ में पिता की हत्या ने शहर को दहलाया। अख्शत प्रताप सिंह ने अपने पिता मनवेन्द्र सिंह को Rs 50 लाख की लूट को लेकर गोली मारी, शव को टुकड़ों में काटा और नीली ड्रम में छुपाने की कोशिश की।

digitallivenews :- लखनऊ में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने पूरे मोहल्ले और पुलिस को हिलाकर रख दिया। अख्शत प्रताप सिंह पर आरोप है कि उसने अपने पिता, मनवेन्द्र सिंह, की हत्या कर दी। शुरूआत में सिर्फ घर के अंदर की बहस थी, लेकिन कुछ ही घंटों में यह विवाद खूनखराबे में बदल गया।

पुलिस के मुताबिक और पड़ोसियों की माने तो घटना 19 फरवरी की रात हुई। मनवेन्द्र अपने घर लौटे तो देखा कि घर से ₹50 लाख गायब हैं। पैसे के बारे में पूछताछ करने पर अख्शत ने माना कि उसने यह पैसा ऑनलाइन शराब लाइसेंस के लिए लिया था, जिसकी आखिरी तारीख 23 फरवरी थी। बातचीत अचानक हिंसक हो गई, जब मनवेन्द्र ने अपने बेटे को थप्पड़ मारा और राइफल से धमकाया।

फिर कहानी और डरावनी हो गई। सुबह करीब 4 बजे, अख्शत allegedly अपने पिता के कमरे में गया और सो रहे मनवेन्द्र पर गोली चला दी। उसके बाद उसने शव को तीसरी मंज़िल से जमीन के खाली कमरे में ले जाकर मशीन से शरीर को टुकड़ों में काट दिया। पुलिस के अनुसार उसने पैरों को घुटनों के नीचे से काटा, दोनों हाथ अलग किए और सिर काट दिया।

अगले दो दिनों तक उसने शव के टुकड़ों को सडरौना, लखनऊ के बाहरी इलाके में फेंकने की योजना बनाई। टॉर्सो को स्लीपिंग बैग में लपेटकर नीली ड्रम में रखा और अपने कार में रखा। लेकिन अचानक घर पर शराब की दुकान का एकाउंटेंट आ गया, जिससे योजना बीच में ही रुक गई। अपराध छुपाने के लिए कमरे में फ्रेशनर का भी इस्तेमाल किया गया।

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि अख्शत की बहन ने पूरी घटना देख ली थी। अख्शत ने उसे धमकाकर चुप रहने के लिए कहा। इसके बाद, वह अपने पिता को लापता बताने की रिपोर्ट दर्ज कराकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करने लगा।

पड़ोसियों ने बताया कि हत्या से कुछ दिन पहले ही अख्शत ने घर से जेवरात और नकदी चुराई थी और घरेलू सहायिका पर आरोप मढ़ दिया। उसने यह पैसा अपनी प्रेमिका को महंगे गिफ्ट देने और खुद की शानदार जिंदगी जीने में खर्च किया। पड़ोसियों ने यह भी कहा कि अख्शत नशीली दवाओं का सेवन करता था, जिससे पिता परेशान रहते थे।

पुलिस अब उस बैंक ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है जिसमें अख्शत ने बड़ी रकम किसी अज्ञात खाते में ट्रांसफर की थी। जांच में यह पता चल सकता है कि हत्या की योजना कितनी पहले से बनाई गई थी।

कोर्ट के बाहर जब अख्शत से पूछा गया कि क्या उसे पिता की हत्या का पछतावा है, तो उसने बिना बोले सिर हिलाकर हां का संकेत दिया। उसने साफ किया कि इस हत्याकांड में किसी अन्य परिवार सदस्य का हाथ नहीं था।

यह केस पूरे लखनऊ के लिए एक चेतावनी है कि परिवारिक विवाद, पैसे और नशा मिलकर कितना भयानक रूप ले सकते हैं।

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