नितिन गडकरी ने बताया पसंदीदा नेता, इन 2 नामों का किया जिक्र

Report By: Kiran Prakash Singh

नितिन गडकरी ने बताया कि जॉर्ज फर्नांडिस और अटल बिहारी वाजपेयी उनके दिल में खास स्थान रखते हैं। उन्होंने लोकतंत्र और वोटिंग को लेकर भी अपनी बात रखी।

Digital Live News | 8 सितंबर 2026 | digitallivenews.com

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नितिन गडकरी ने बताया पसंदीदा नेता, इन 2 नामों का किया जिक्र

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी अपने बेबाक अंदाज और स्पष्ट विचारों के लिए जाने जाते हैं। इस बार उन्होंने भारतीय राजनीति और लोकतंत्र को लेकर अपने विचार साझा करते हुए उन दो नेताओं के नाम बताए, जिनसे वह सबसे ज्यादा प्रभावित रहे हैं। गडकरी ने कहा कि जॉर्ज फर्नांडिस और अटल बिहारी वाजपेयी उनके दिल में खास और आइकॉनिक स्थान रखते हैं।

उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन से जुड़े अनुभवों को याद करते हुए दोनों नेताओं के साथ अपने संबंध और उनसे मिले मार्गदर्शन का भी जिक्र किया। गडकरी के मुताबिक, दोनों नेताओं से उन्हें स्नेह और सीख मिली, जिसने उनके राजनीतिक सफर को प्रभावित किया।

जॉर्ज फर्नांडिस और अटल बिहारी वाजपेयी को बताया खास

नितिन गडकरी ने कहा कि उनके दिल में दो नेताओं के लिए विशेष स्थान है। इनमें पहला नाम जॉर्ज फर्नांडिस का है, जबकि दूसरा नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का है।

गडकरी ने बताया कि जब उन्होंने मंत्री के रूप में काम करना शुरू किया था, उस दौरान जॉर्ज फर्नांडिस से उनकी कई मुलाकातें होती थीं। उन्होंने फर्नांडिस के साथ हुई बातचीत को याद करते हुए बताया कि राजनीति में अलग-अलग नेताओं के बीच मतभेद और विरोध होना लोकतंत्र का हिस्सा है।

गडकरी ने बताया कि उन्होंने एक बार फर्नांडिस से पूछा था कि एक ही पार्टी के कई बड़े नेताओं के बीच आपसी तालमेल क्यों नहीं बन पाता। इस पर फर्नांडिस ने उन्हें समझाया कि यही तो लोकतंत्र है

फर्नांडिस से लोकतंत्र की राजनीति समझी

गडकरी ने जॉर्ज फर्नांडिस के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीति में विरोधाभास, मजबूरियां और सीमाएं भी होती हैं। उनके मुताबिक, राजनीति में रणनीति और विचारधारा के बीच अंतर को समझना जरूरी है।

उन्होंने चुनावी राजनीति के संदर्भ में कहा कि केवल विचार या ज्ञान होना ही पर्याप्त नहीं है। लोकतंत्र में चुनाव जीतने के लिए जनता की भागीदारी और मतदान बेहद महत्वपूर्ण है।

गडकरी ने अपने संबोधन में लोगों से मतदान की जिम्मेदारी निभाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि चुनाव के दिन मतदाता की भूमिका सबसे अहम होती है और लोकतंत्र में अपनी पसंद के उम्मीदवार को वोट देना नागरिक की जिम्मेदारी है।

वोटिंग को लेकर गडकरी ने कही बड़ी बात

नितिन गडकरी ने कहा कि कई लोग देश और राजनीति को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन जब मतदान का दिन आता है तो वे वोट डालने नहीं पहुंचते। उन्होंने इस रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में बदलाव के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि लोग अपनी पसंद के किसी भी उम्मीदवार को वोट दे सकते हैं, लेकिन वोटिंग से दूर रहना लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करता है। उनके मुताबिक, लोकतंत्र केवल नेताओं या राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि जनता की भी उतनी ही बड़ी भूमिका है।

गडकरी ने अपने अनुभव के आधार पर यह भी कहा कि राजनीति को केवल नेताओं के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। चुनावी प्रक्रिया में मतदाताओं का निर्णय सबसे महत्वपूर्ण होता है।

‘नेता नहीं, जनता भी बड़ी जिम्मेदार’

गडकरी ने लोकतंत्र की सबसे बड़ी चुनौती को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की समस्या केवल राजनीतिक दलों या नेताओं तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, जनता की राजनीतिक समझ और मतदान का तरीका भी लोकतंत्र की दिशा तय करता है।

उन्होंने कहा कि जब जनता शिक्षित और जागरूक होगी तथा सामाजिक, आर्थिक और शिक्षा जैसे मुद्दों को ध्यान में रखकर मतदान करेगी, तब लोकतंत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

जाति-पंथ से ऊपर उठकर वोट देने की अपील

नितिन गडकरी ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए मतदाताओं को जाति, पंथ, धर्म और भाषा से ऊपर उठकर सही व्यक्ति का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने जनता से अपील की कि मतदान करते समय उम्मीदवार और मुद्दों को प्राथमिकता दी जाए।

गडकरी के इस बयान में जहां उनके पसंदीदा नेताओं के प्रति सम्मान नजर आया, वहीं लोकतंत्र में जनता की भूमिका को लेकर भी उनका स्पष्ट नजरिया सामने आया। जॉर्ज फर्नांडिस और अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए उन्होंने राजनीति में विचार, रणनीति, मतभेद और जनता की भागीदारी के महत्व पर अपनी बात रखी।

गडकरी के मुताबिक, मजबूत लोकतंत्र के लिए जागरूक मतदाता सबसे जरूरी कड़ी है। यदि लोग अपने मताधिकार का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करें और मुद्दों के आधार पर फैसला लें, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव संभव है।

Digital Live News | 8 सितंबर 2026 | digitallivenews.com

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