
Report By: Kiran Prakash Singh
अभिजीत दीपके ने दिल्ली की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पुलिस पर छात्रों और पत्रकारों को परेशान करने का आरोप लगाया। उन्होंने एक हत्या का भी जिक्र किया।
Digital Live News | 8 सितंबर 2026 | digitallivenews.com
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दिल्ली पुलिस पर अभिजीत दीपके का हमला, कानून व्यवस्था पर सवाल
दिल्ली की कानून व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठाए गए हैं। कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा है। उन्होंने राजधानी में अपराध और कानून व्यवस्था को लेकर चिंता जताते हुए आरोप लगाया कि पुलिस छात्रों और पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई में ज्यादा व्यस्त है, जबकि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।
अभिजीत दीपके ने अपनी पोस्ट में दिल्ली के किलोकरी गांव में मणिपुरी म्यूजिशियन सी. विक्रम सिंह की मौत से जुड़ी खबर का हवाला दिया। इसके साथ ही उन्होंने पत्रकारों द्वारा दिल्ली पुलिस पर लगाए गए कथित मारपीट के आरोपों का भी जिक्र किया।
किलोकरी में मणिपुरी म्यूजिशियन की मौत का मामला
अभिजीत दीपके ने जिस समाचार की कटिंग साझा की, उसके मुताबिक दिल्ली के किलोकरी गांव में 54 वर्षीय मणिपुरी म्यूजिशियन सी. विक्रम सिंह के साथ मारपीट की गई थी। खबर के अनुसार, विक्रम सिंह अपने अपार्टमेंट के बाहर कथित तौर पर शराब पीने और शोर करने वाले लोगों का विरोध करने पहुंचे थे।
बताया गया कि इसी दौरान वहां मौजूद एक समूह के साथ उनका विवाद हुआ और उन पर हमला किया गया। घटना में वह गंभीर रूप से घायल हुए। उनके बेटे ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
यह घटना राजधानी में नागरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर बहस का मुद्दा बन गई है।
अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस पर साधा निशाना
घटना की खबर शेयर करते हुए अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में कानून व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है।
उनका कहना था कि दिल्ली पुलिस छात्रों को परेशान करने और पत्रकारों से जुड़े मामलों में कार्रवाई करने में व्यस्त है, जबकि वास्तविक अपराधों को रोकने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा।
हालांकि, अभिजीत के ये राजनीतिक आरोप हैं। दिल्ली पुलिस की ओर से इन आरोपों पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है, यह अलग से स्पष्ट होना जरूरी है।
महिला पत्रकारों ने भी लगाए थे मारपीट के आरोप
अभिजीत दीपके ने अपनी पोस्ट में दो महिला पत्रकारों द्वारा दिल्ली पुलिस पर लगाए गए आरोपों का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म के लिए काम करने वाली दोनों पत्रकारों ने पुलिस पर उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया था।
पत्रकारों का दावा था कि उनकी मुस्लिम पहचान की वजह से उन्हें निशाना बनाया गया। यह आरोप पत्रकारों की ओर से लगाए गए दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस सामग्री में नहीं है।
बताया गया कि तीन सितंबर को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता दिल्ली के साकेत इलाके में एक निजी अस्पताल के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंची थीं। इसी दौरान दोनों पत्रकार वहां वीडियो बना रही थीं।
पुलिस कार्रवाई को लेकर पत्रकारों ने जताई आपत्ति
पत्रकारों के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों ने उनसे पूछताछ शुरू की। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई।
पत्रकारों ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें उन्होंने कथित चोट के निशान दिखाते हुए दावा किया कि उन्हें पुलिस के डंडे से चोट लगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें और उनकी साथी को मारा।
इन आरोपों के सामने आने के बाद पत्रकारों की सुरक्षा और पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठे हैं। हालांकि, पूरे मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष और जांच की स्थिति महत्वपूर्ण होगी।
कानून व्यवस्था को लेकर बढ़ी राजनीतिक बहस
सी. विक्रम सिंह की मौत और पत्रकारों द्वारा लगाए गए आरोपों को जोड़ते हुए अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है। उनका आरोप है कि पुलिस को राजधानी में अपराध रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
दिल्ली जैसे बड़े महानगर में कानून व्यवस्था को लेकर होने वाली हर घटना राजनीतिक बहस का हिस्सा बन जाती है। ऐसे मामलों में आरोपों और आधिकारिक जांच के निष्कर्षों के बीच अंतर करना जरूरी है।
फिलहाल अभिजीत दीपके के बयान के बाद दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली और राजधानी में कानून व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। किलोकरी की घटना और पत्रकारों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच से जुड़े आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
Digital Live News | 8 सितंबर 2026 | digitallivenews.com