
Report By: Kiran Prakash Singh
CJP आंदोलन से जुड़े रहे सामाजिक कार्यकर्ता मनीष ब्रह्मभट्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी डेमोक्रेटिक का ऐलान किया है। उन्होंने CJP पर राजनीतिक होने का आरोप लगाया।
4 सितंबर 2026 | digitallivenews.com
CJP से बगावत कर मनीष ब्रह्मभट्ट ने बनाई नई पार्टी, जानिए कौन हैं
कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP से जुड़े आंदोलन के बीच अब एक नई राजनीतिक पार्टी के गठन का ऐलान किया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता मनीष ब्रह्मभट्ट ने गुरुवार को कॉकरोच जनता पार्टी डेमोक्रेटिक यानी CJP D बनाने की घोषणा की। मनीष का दावा है कि जिस आंदोलन से वह जुड़े थे, वह लोगों का आंदोलन था, लेकिन बाद में उसका स्वरूप बदल गया।
मनीष ब्रह्मभट्ट ने CJP पर आरोप लगाया कि पार्टी अब पूरी तरह से अरविंद केजरीवाल की राजनीति से प्रभावित हो गई है। उन्होंने कहा कि आंदोलन खत्म होने के बाद इसमें शामिल लोगों की भूमिका और निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े हुए।
कौन हैं मनीष ब्रह्मभट्ट?
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स यानी ADR की चुनावी जानकारी के अनुसार मनीष ब्रह्मभट्ट गुजरात के पालनपुर से हैं। उन्होंने हेमचंद्राचार्य नॉर्थ गुजरात यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है।
मनीष ने वर्ष 2005 में बीकॉम और 2006 में एलएलबी की पढ़ाई पूरी की थी। शिक्षा के बाद वह सामाजिक गतिविधियों और आंदोलनों से जुड़े। इसके अलावा वह चुनावी राजनीति में भी अपनी किस्मत आजमा चुके हैं।
उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत हालांकि चुनावी सफलता के साथ नहीं हुई। इसके बावजूद वह सार्वजनिक मुद्दों से जुड़े रहे और आंदोलन के जरिए अपनी राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश करते रहे।
2022 में पालनपुर से लड़ा विधानसभा चुनाव
मनीष ब्रह्मभट्ट ने 2022 गुजरात विधानसभा चुनाव में पालनपुर सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। हालांकि उन्हें चुनाव में सफलता नहीं मिली।
चुनावी आंकड़ों के मुताबिक उन्हें कुल 964 वोट मिले थे। चुनाव में हार के बावजूद उन्होंने सार्वजनिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी सक्रियता जारी रखी।
अब CJP D के गठन के साथ मनीष एक बार फिर राजनीतिक मैदान में अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं। नई पार्टी के जरिए उनका लक्ष्य आंदोलन से जुड़े लोगों को एक अलग राजनीतिक मंच देने का है।
CJP आंदोलन से कैसे जुड़े?
मनीष ब्रह्मभट्ट का दावा है कि वह CJP आंदोलन से जुड़े रहे हैं और जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के आंदोलन में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
मनीष के अनुसार, आंदोलन किसी एक व्यक्ति या संगठन का नहीं था, बल्कि देशभर के लोगों की भागीदारी से खड़ा हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन खत्म होने के बाद इसकी दिशा बदल गई।
उनका कहना है कि आंदोलन में योगदान देने वाले लोगों की जगह एक सीमित समूह के हाथ में फैसले चले गए। इसी वजह से उन्होंने अलग राजनीतिक संगठन बनाने का फैसला किया।
CJP से अलग होने की क्या वजह बताई?
मनीष ब्रह्मभट्ट ने CJP की संगठनात्मक व्यवस्था पर कई सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि अभिजीत दीपके की 12 लोगों की टीम बनाई गई और इसमें आंदोलन से जुड़े सभी स्वयंसेवकों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला।
उन्होंने सवाल उठाया कि संगठन में पद देने का आधार क्या है और फैसले लेने की प्रक्रिया कितनी लोकतांत्रिक है। मनीष का कहना है कि वह चाहते थे कि हर राज्य से करीब पांच प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए, ताकि संगठन में व्यापक भागीदारी हो।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ ऐसे लोगों को संगठन में जगह दी गई, जिनका संबंध आम आदमी पार्टी से रहा है। हालांकि, ये सभी आरोप मनीष ब्रह्मभट्ट के दावे हैं।
अब CJP D के जरिए नई राजनीतिक राह
CJP से अलग होकर कॉकरोच जनता पार्टी डेमोक्रेटिक बनाने के बाद मनीष ब्रह्मभट्ट ने अपनी राजनीतिक दिशा स्पष्ट करने की कोशिश की है। उनका कहना है कि पार्टी का ढांचा ज्यादा लोकतांत्रिक और आंदोलन से जुड़े लोगों की भागीदारी वाला होना चाहिए।
मनीष का आरोप है कि मूल आंदोलन के उद्देश्य और संगठन के मौजूदा स्वरूप में अंतर पैदा हो गया है। इसी वजह से उन्होंने अलग मंच तैयार किया है।
अब देखना होगा कि CJP D को आंदोलन से जुड़े लोगों का कितना समर्थन मिलता है और क्या यह संगठन आगे चलकर चुनावी राजनीति में प्रभाव बना पाता है। फिलहाल मनीष ब्रह्मभट्ट की नई पार्टी के ऐलान ने CJP से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम को जरूर नया मोड़ दे दिया है।
Digital Live News | 4 सितंबर 2026
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