
Report By: Kiran Prakash Singh
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर लगभग पूरा अमेरिकी नियंत्रण होने का दावा किया। ईरान ने अमेरिकी दावे को खारिज किया है।
2 सितंबर 2026 | digitallivenews.com
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होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर ट्रंप का बड़ा दावा, ईरान ने किया खारिज
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर एक बार फिर बड़ा दावा सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर दावा किया कि इस रणनीतिक जलमार्ग पर अमेरिका का लगभग पूरा नियंत्रण हो चुका है। ट्रंप ने साथ ही कहा कि अमेरिकी प्रतिबंधों और सैन्य कार्रवाई के चलते ईरान की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ रहा है।
हालांकि, ईरान ने अमेरिका के इस दावे को खारिज किया है। तेहरान की ओर से लगातार कहा गया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसका नियंत्रण बना हुआ है। ऐसे में इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को लेकर दोनों देशों के दावों में स्पष्ट विरोधाभास दिखाई दे रहा है।
ट्रंप ने बातचीत की रिपोर्ट को बताया गलत
ट्रंप ने एक मीडिया रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका ईरान को बातचीत की मेज पर लौटने के लिए मजबूर नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान कोई ऐसा समझौता करता है जो उसके लिए फायदेमंद नहीं है, तो अमेरिका को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
ट्रंप के मुताबिक, मौजूदा हालात में अमेरिका की स्थिति मजबूत है और उनका दावा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का लगभग पूरा नियंत्रण है।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना अहम?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए इसकी अहमियत बेहद ज्यादा है।
इस वजह से यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव या समुद्री यातायात में रुकावट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा सकती है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव में भी होर्मुज लगातार महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है।
ईरान ने अमेरिकी दावे को किया खारिज
अमेरिकी राष्ट्रपति के दावे के विपरीत तेहरान ने होर्मुज पर अमेरिकी नियंत्रण की बात को स्वीकार नहीं किया। ईरान का कहना है कि यह रणनीतिक जलमार्ग उसके नियंत्रण में है।
फरवरी में शुरू हुए टकराव के बाद ट्रंप की ओर से होर्मुज को लेकर कई दावे किए जाने की बात सामने आई है। वहीं ईरान लगातार अमेरिकी दावों को चुनौती देता रहा है।
ईरान के पलटवार का भी दावा
अमेरिका की ओर से ईरान पर मंगलवार को सैन्य कार्रवाई किए जाने के बाद ईरान की ओर से जवाबी हमले का दावा किया गया। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने कहा कि उसने जॉर्डन के अकाबा क्षेत्र के पास मौजूद एक अमेरिकी सैन्य ठिकाने को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया।
IRGC ने इस हमले में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने का दावा भी किया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है और सैन्य संघर्ष के दौरान सामने आने वाली शुरुआती सूचनाओं में बदलाव संभव होता है।
अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी वैश्विक चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते तनाव का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति को लेकर वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी नजर बनी हुई है।
एक तरफ अमेरिका ईरान पर दबाव बनाए रखने की बात कर रहा है, वहीं ईरान अमेरिकी कार्रवाई का विरोध कर रहा है। दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी दावों के बीच क्षेत्रीय स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।
अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव आगे किस दिशा में जाता है और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के दावों का वास्तविक असर क्षेत्रीय सुरक्षा तथा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर कितना पड़ता है।
दिनांक: 2 सितंबर 2026
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