
Report By: Kiran Prakash Singh
शेख हसीना ने दिसंबर तक बांग्लादेश लौटने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि वापसी सत्ता के लिए नहीं, बल्कि लोगों के साथ खड़े होने के लिए होगी।
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शेख हसीना की दिसंबर तक बांग्लादेश लौटने की घोषणा, सत्ता नहीं लोगों के लिए वापसी का दावा
2 सितंबर 2026 | digitallivenews.com
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दिसंबर तक स्वदेश लौटने का इरादा जताया है। अपने एक टेलीफोनिक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उनकी वापसी का उद्देश्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि बांग्लादेश के लोगों के साथ खड़ा होना है। हसीना ने यह भी स्पष्ट किया कि वापसी का फैसला उनका अपना है और इसकी तारीख, समय तथा यात्रा के तरीके की जानकारी उचित समय पर दी जाएगी।
दिसंबर तक वापसी की बात क्यों कही?
शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश का राजनीतिक संकट अनिश्चितकाल तक जारी नहीं रह सकता। उनके मुताबिक, मौजूदा परिस्थितियों का असर देश की आर्थिक प्रगति पर पड़ रहा है और गरीबी बढ़ रही है।
हसीना ने कहा कि यह स्थिति केवल अवामी लीग से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि इसे राष्ट्रीय संकट के तौर पर देखा जाना चाहिए। उनका तर्क है कि विकास की रफ्तार रुकने से रोजगार के अवसर प्रभावित होते हैं और कानून-व्यवस्था कमजोर होने पर आम लोगों की सुरक्षा पर असर पड़ता है।
भारत या ढाका सरकार से समझौते से इनकार
हसीना से पूछा गया कि क्या उन्होंने बांग्लादेश लौटने को लेकर भारत सरकार या ढाका की मौजूदा सरकार से कोई चर्चा की है। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि उनका फैसला उनका अपना है और यह उनकी पार्टी के भीतर राजनीतिक चर्चा का विषय है।
उन्होंने मौजूदा बांग्लादेश सरकार के साथ किसी राजनीतिक समझौते से भी इनकार किया। हसीना ने कहा कि जिन लोगों ने अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाया और पार्टी नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज किए, उनके साथ किसी गुप्त समझौते का हिस्सा बनने का सवाल नहीं उठता।
‘पूरी जिंदगी विदेश में नहीं रह सकती’
बांग्लादेश की ओर से उनके प्रत्यर्पण की मांग और प्रधानमंत्री तारिक रहमान की संभावित नई दिल्ली यात्रा को लेकर भी हसीना से सवाल किया गया। उन्होंने प्रत्यर्पण के मुद्दे को राजनीतिक उद्देश्य से इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया।
हसीना ने कहा कि वह खुद अपने देश वापस जाना चाहती हैं और हमेशा विदेश में नहीं रह सकतीं। उनके मुताबिक, उन्हें अपने देश और वहां के लोगों के बीच वापस जाना है।
हालांकि, उनकी संभावित वापसी की वास्तविक तारीख और परिस्थितियां अभी स्पष्ट नहीं हैं।
भारत-बांग्लादेश संबंधों पर भी बोलीं
भारत और बांग्लादेश के रिश्तों को लेकर शेख हसीना ने कहा कि दोनों देशों के संबंध केवल बयानों से खराब नहीं होते। उन्होंने लोकतंत्र की स्थिति, कट्टरपंथ, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों को महत्वपूर्ण बताया।
उनका आरोप है कि यदि राजनीतिक बदले के लिए सरकारी संस्थाओं का इस्तेमाल होता है और अल्पसंख्यक समुदाय असुरक्षित महसूस करता है, तो इसका असर दोनों देशों के संबंधों पर भी पड़ सकता है।
चीन से लड़ाकू विमान खरीद पर सवाल
शेख हसीना ने बांग्लादेश की आर्थिक स्थिति के बीच चीन से लड़ाकू विमान खरीदने की प्रस्तावित योजना पर भी सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि इस सौदे की कीमत करीब 2.3 अरब डॉलर है।
हसीना ने सवाल किया कि जब बांग्लादेश आर्थिक चुनौतियों और गरीबी जैसी समस्याओं का सामना कर रहा है, तब इतनी बड़ी राशि रक्षा सौदे पर खर्च करने की जरूरत क्यों है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच शेख हसीना की दिसंबर तक स्वदेश लौटने की घोषणा ने बांग्लादेश की राजनीति में चर्चा तेज कर दी है। उनकी वापसी किस परिस्थितियों में होगी और इसका देश की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
दिनांक: 2 सितंबर 2026
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