
Report By: Kiran Prakash Singh
दिल्ली के जसोला में खुले नाले में गिरा 15 वर्षीय मिथुन 26 घंटे बाद भी लापता है। NDRF ने रेस्क्यू रोका, बड़ी मशीनों से तलाश फिर होगी।
दिनांक: 23 अगस्त 2026
वेबसाइट: digitallivenews.com
दिल्ली में 26 घंटे बाद भी लापता मिथुन, मां की गुहार जारी
दिल्ली के जसोला गांव में खुले नाले में गिरने के बाद 15 वर्षीय मिथुन का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। हादसे को करीब 26 घंटे से ज्यादा समय बीत चुका है। बच्चे की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली। एनडीआरएफ सूत्रों के मुताबिक फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन को होल्ड किया गया है और बड़ी मशीनें मंगाए जाने के बाद तलाश दोबारा शुरू की जाएगी।
पेड़ से पतंग उतारते समय हुआ हादसा
परिवार के मुताबिक मिथुन घर के पीछे मौजूद पेड़ से पतंग उतारने गया था। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ा और वह खुले नाले में जा गिरा। नाले में पानी का बहाव तेज बताया जा रहा है, जिसके कारण बच्चा बह गया।
मिथुन के भाई धर्मेंद्र ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही परिवार और आसपास के लोगों ने बच्चे की तलाश शुरू कर दी। उन्होंने नाले के आसपास और आगे के हिस्सों में भी उसे खोजने की कोशिश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।
मां की आंखों से नहीं थम रहे आंसू
बेटे के लापता होने के बाद मिथुन की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वह लगातार अपने बच्चे के लौटने की उम्मीद लगाए बैठी हैं। परिवार का कहना है कि हर गुजरते घंटे के साथ उनकी चिंता बढ़ती जा रही है।
मां की पुकार ने इस पूरे मामले को बेहद भावुक बना दिया है। परिवार की एक ही मांग है कि मिथुन की तलाश जल्द से जल्द पूरी की जाए और उसे सुरक्षित वापस लाया जाए।
24 घंटे बाद सड़क पर उतरे स्थानीय लोग
जब हादसे के 24 घंटे से ज्यादा समय बाद भी मिथुन का कोई पता नहीं चला तो परिवार और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई। लोगों ने सड़क पर प्रदर्शन कर बच्चे को जल्द खोजने की मांग की।
स्थानीय लोगों ने इलाके में मौजूद खुले नाले को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि रिहायशी इलाके के पास खुले नाले से सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा बना रहता है।
रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर परिवार ने उठाए सवाल
परिवार की ओर से रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। मिथुन की मां ने आरोप लगाया कि मौके पर गोताखोर पहुंचे थे, लेकिन बच्चे की तलाश के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए गए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मिथुन के भाई धर्मेंद्र ने व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए मदद में कमी का आरोप लगाया। परिवार का कहना है कि समय तेजी से बीत रहा है, इसलिए तलाश अभियान को और तेज किया जाना चाहिए।
NDRF ने बताया, बड़ी मशीनों से होगी तलाश
एनडीआरएफ सूत्रों के अनुसार, उपलब्ध संसाधनों के जरिए बच्चे की तलाश के लिए प्रयास किए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली। करीब 26 घंटे बीतने के बाद फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन को होल्ड किया गया है।
अब बड़ी मशीनें मंगाई जाएंगी, जिनकी मदद से नाले में आगे की तलाश की जाएगी। परिवार और स्थानीय लोग रेस्क्यू टीम से जल्द से जल्द अभियान शुरू करने की उम्मीद कर रहे हैं।
यह हादसा खुले नालों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। रिहायशी इलाकों में खुले नालों के आसपास सुरक्षा इंतजाम कितने जरूरी हैं, यह घटना एक बार फिर सामने लाती है। फिलहाल परिवार की सबसे बड़ी उम्मीद रेस्क्यू टीम पर टिकी है और सभी को मिथुन के सुरक्षित मिलने का इंतजार है।