
Report By: Kiran Prakash Singh
JSSC-CGL केस में CID ने TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी की पत्नी और भाई को गिरफ्तार किया है। दोनों पर अवैध तरीके से नौकरी पाने का आरोप है।
JSSC-CGL केस: TDPL मैनेजर की पत्नी और भाई गिरफ्तार
रांची, 19 अगस्त 2026 | digitallivenews.com
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर CID की जांच लगातार जारी है। इसी जांच के दौरान TDPL के मार्केटिंग मैनेजर रहे अभय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और उनके सगे भाई अक्षय तिवारी को CID ने गिरफ्तार किया है। दोनों पर JPSC और JSSC-CGL परीक्षाओं के जरिए अवैध तरीके से नौकरी हासिल करने का आरोप लगाया गया है।
अभय तिवारी को इस मामले में पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब उनकी पत्नी और भाई की गिरफ्तारी के बाद भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी का मामला और गंभीर हो गया है।
अभय तिवारी पर मुख्य आरोपी होने का आरोप
CID की जांच में अभय तिवारी को भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का प्रमुख आरोपी बताया जा रहा है। गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) के पद पर तैनात अभय तिवारी को CID ने 22 जुलाई को गिरफ्तार किया था।
जांच अधिकारियों के अनुसार, अभय तिवारी की शैक्षणिक और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी गतिविधियों की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। अधिकारियों का दावा है कि अभय ने पिछले 13 वर्षों में करीब 12 प्रतियोगी परीक्षाएं पास की थीं।
13 साल में 12 प्रतियोगी परीक्षाएं पास करने का दावा
CID के मुताबिक अभय तिवारी ने कई अलग-अलग विभागों और संस्थानों से जुड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की थी। इनमें 2018 की पुलिस सब इंस्पेक्टर परीक्षा, 2013 की नौसेना SAR परीक्षा और 2014 की BARC सहायक परीक्षा शामिल बताई गई हैं।
इसके अलावा उन्होंने IRB कांस्टेबल, 2018 CRPF हेड कांस्टेबल और 2014 की Northern Coalfields परीक्षा भी पास की थी। जांच एजेंसी अब इन सभी परीक्षाओं में उनकी उम्मीदवारी और चयन प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
JSSC की PGT और CGL परीक्षा भी पास की
अभय तिवारी ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC की PGT शिक्षक और संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षाएं भी पास की थीं। इसके साथ ही उन्होंने सहायक वन संरक्षक (ACF), वन क्षेत्र पदाधिकारी (FRO) और खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) की परीक्षाओं में भी सफलता हासिल की थी।
CID इस बात की जांच कर रही है कि अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में अभय तिवारी की सफलता सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा थी या इसमें किसी तरह की अनियमितता अथवा अवैध मदद ली गई थी।
JPSC की परीक्षाओं के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे
अधिकारियों के मुताबिक अभय तिवारी ने झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC की 11वीं और 13वीं झारखंड संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षाएं भी पास की थीं।
अब CID उनकी उम्मीदवारी से जुड़े रिकॉर्ड को खंगाल रही है। इसमें आवेदन पत्र, शैक्षणिक दस्तावेज, मूल्यांकन रिकॉर्ड, चयन प्रक्रिया और परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसियों से प्राप्त जानकारी शामिल है।
जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अभय तिवारी और उनके परिवार के सदस्यों ने किन परिस्थितियों में विभिन्न परीक्षाओं में सफलता हासिल की।
पत्नी और भाई की गिरफ्तारी से जांच आगे बढ़ी
अभय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी की गिरफ्तारी को CID की जांच में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दोनों से पूछताछ के जरिए कथित भर्ती अनियमितताओं से जुड़े नए सुराग मिलने की संभावना है।
फिलहाल CID पूरे मामले में दस्तावेजों और परीक्षा रिकॉर्ड की जांच कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित अनियमितताओं का दायरा कितना बड़ा है और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर पहले से ही छात्रों और अभ्यर्थियों का विरोध जारी है। ऐसे में JSSC-CGL मामले में लगातार हो रही गिरफ्तारियों ने सरकार और जांच एजेंसियों के सामने निष्पक्ष जांच की चुनौती और बढ़ा दी है।
19 अगस्त 2026 | digitallivenews.com