
Report By: Kiran Prakash Singh
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अतीक अहमद के बेटे उमर और अली अहमद की पैरोल मंजूर कर दी। दोनों छोटे भाई आबान के जनाजे में शामिल होंगे, मीडिया से बात पर रोक रहेगी।
📅 Date: 07 अगस्त 2026
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आबान के जनाजे में शामिल होंगे उमर और अली, हाईकोर्ट ने पैरोल दी
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माफिया अतीक अहमद के बेटों मोहम्मद उमर और अली अहमद को बड़ी राहत देते हुए उनके छोटे भाई आबान अहमद के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैरोल मंजूर कर ली है। अदालत के इस फैसले के बाद दोनों भाई सुरक्षा व्यवस्था के बीच जनाजे में शामिल हो सकेंगे। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि पैरोल अवधि के दौरान वे मीडिया से किसी भी प्रकार की बातचीत नहीं करेंगे।
यह फैसला जस्टिस अजय भनोट और जस्टिस दिवेश चंद्र सामंत की डिवीजन बेंच ने सुनाया। अदालत ने मानवीय आधार पर राहत देते हुए सीमित अवधि की पैरोल की अनुमति दी है।
छोटे भाई आबान के निधन के बाद दाखिल हुई थी अर्जी
जानकारी के अनुसार, आबान अहमद के निधन के बाद परिवार की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में पैरोल की अर्जी दाखिल की गई थी। इस अर्जी में अनुरोध किया गया था कि जेल में बंद मोहम्मद उमर और अली अहमद को अपने छोटे भाई के जनाजे और अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी जाए।
यह पैरोल याचिका अतीक अहमद की बहन परवीन कुरैशी की ओर से दाखिल की गई थी, जो एहजाम और आबान की कस्टडी देख रही थीं।
अधिवक्ताओं ने रखा मानवीय पक्ष
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता सैयद सफदर अली काजमी और शादाब अली ने अदालत में पैरोल की मांग रखते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति के लिए अपने करीबी परिजन के अंतिम संस्कार में शामिल होना एक मानवीय अधिकार है। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद पैरोल मंजूर कर ली।
मीडिया से बातचीत पर कोर्ट की रोक
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा कि पैरोल के दौरान उमर और अली किसी भी मीडिया संस्थान को बयान नहीं देंगे और न ही किसी राजनीतिक या सार्वजनिक गतिविधि में भाग लेंगे। उन्हें केवल निर्धारित उद्देश्य, यानी जनाजे में शामिल होने की अनुमति दी गई है।
कोर्ट के इस निर्देश का पालन कराने की जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को सौंपी गई है।
कड़ी सुरक्षा के बीच होगी रिहाई
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, दोनों भाइयों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेल से बाहर लाया जाएगा। पैरोल की अवधि पूरी होने के बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया जाएगा। इस दौरान पुलिस और जेल प्रशासन अदालत द्वारा तय सभी शर्तों का पालन सुनिश्चित करेगा।
संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है ताकि कानून-व्यवस्था पर कोई असर न पड़े।
मामला क्यों बना चर्चा का विषय?
अतीक अहमद और उसका परिवार लंबे समय से कई चर्चित आपराधिक मामलों के कारण सुर्खियों में रहा है। ऐसे में उसके बेटों को पैरोल मिलने का मामला भी व्यापक चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि अदालत ने अपने आदेश में यह स्पष्ट किया कि यह राहत मानवीय आधार पर दी गई है और इसका उद्देश्य केवल अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति देना है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय न्याय व्यवस्था में विशेष परिस्थितियों में पैरोल दिए जाने का प्रावधान है, विशेषकर तब जब परिवार में किसी सदस्य का निधन हुआ हो।
आगे क्या होगा?
अब प्रशासन कोर्ट के आदेश के अनुसार पैरोल की प्रक्रिया पूरी करेगा। मोहम्मद उमर और अली अहमद निर्धारित समय और शर्तों के तहत अपने छोटे भाई आबान अहमद के जनाजे में शामिल होंगे। पैरोल समाप्त होने के बाद दोनों को पुनः जेल भेज दिया जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं।
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📅 प्रकाशित तिथि: 07 अगस्त 2026